केतन अग्रवाल (26) की हत्या के मामले में शनिवार को वडगांव मावल सत्र न्यायालय में सुनवाई शुरू हुई। केतन की मंगेतर और उसके बॉयफ्रेंड पर आरोप है कि उन्होंने उसे लोहगढ़ किले से नीचे धकेल दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में जाने-माने वकील उज्ज्वल निकम विशेष सरकारी वकील के तौर पर पेश हुए। विशेष सरकारी वकील के रूप में नियुक्त होने के बाद पहली बार इस मामले में पेश हुए निकम ने पत्रकारों को बताया कि अभियोजन पक्ष 17 नवंबर को अपनी शुरुआती दलीलें पेश करेगा।
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विशेष सरकारी वकील ने क्या कहा?
निकम ने बताया कि आरोपी सिया गोयल (20) के वकील ने उसके लिए जमानत और मामले से बरी किए जाने की अर्जी दाखिल की है। बचाव पक्ष का दावा है कि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। अदालत ने आरोपी रितेश हांगे (22) को भी निर्देश दिया कि चूंकि उसका कोई वकील नहीं है, इसलिए वह अगली सुनवाई से पहले एक वकील नियुक्त कर ले। अदालत ने कहा कि अगर वह ऐसा नहीं कर पाता है तो उसके लिए अदालत की ओर से एक वकील नियुक्त किया जाएगा।
अगली सुनवाई कब होगी?
अगली सुनवाई में, अभियोजन पक्ष अदालत को कथित साजिश और पुलिस द्वारा जुटाए गए उन सबूतों के बारे में जानकारी देगा, जो सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी (22) की भूमिकाओं से जुड़े हैं। निकम ने पत्रकारों को बताया कि सिया गोयल द्वारा दाखिल अर्जियों पर भी 17 नवंबर को सुनवाई होगी। सिया गोयल के वकील नितिन भालेराव ने कहा कि पुलिस द्वारा जुटाए गए वीडियो और अन्य तकनीकी सबूत अभी तक बचाव पक्ष को नहीं दिए गए हैं। इसलिए, इन सबूतों तक पहुंच पाने के लिए एक अर्जी भी दाखिल की गई है।
भालेराव ने बताया कि 17 नवंबर को बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील विपुल दुशिंग पेश होंगे। उन्होंने कहा कि बचाव पक्ष का मानना है कि पुलिस द्वारा जुटाए गए सबूत किसी को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
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पुलिस के अनुसार, रियल एस्टेट व्यवसायी केतन अग्रवाल की शादी सिया गोयल से होने वाली थी। चूंकि वह उससे शादी नहीं करना चाहती थी, इसलिए गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चौधरी ने कथित तौर पर उसे मारने की साजिश रची। चौधरी के दोस्त हांगे पर भी इस साजिश में शामिल होने का आरोप है। बता दें कि 18 जून 2026 को पुणे के पास लोहगढ़ किले में अग्रवाल को एक खाई में धकेल दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।