नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) अहमदाबाद ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स गिरोह का भंडाफोड़ किया। टीम ने दो किलो केटामाइन के साथ तीन नाइजीरियाई समेत चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। एनसीबी ने बताया कि आरोपी कोरियर की आड़ में भारत से विदेशों में केटामाइन की तस्करी करते थे। इस केटामाइन को मसाले के पैकेट में छिपाकर अमेरिका भेजने की तैयारी थी। हालांकि जब्त किए गए ड्रग्स की कीमत की जानकारी नहीं दी गई है।
एनसीबी ने बताया कि केटामाइन अमेरिका में सबसे ज्यादा महंगा ड्रग है। यह अमेरिका में प्रतिबंधित है। इसका उपयोग डेट रेप ड्रग के रूप में भी किया जाता है। एनसीबी अहमदाबाद को तीन दिसंबर को सूचना मिली कि मसालों के पैकेटों में छिपाकर दो किलोग्राम केटामाइन को कोरियर के जरिये अमेरिका भेजा जा रहा है। इसके बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने जांच शुरू की। इसमें सामने आया कि अदनान फर्नीचरवाला नामक युवक इस रैकेट में शामिल है। अदनान पहले पुणे में रहता था और बाद में अमेरिका चला गया। अमेरिका में नशीले पदार्थों की तस्करी के तीन मामलों में शामिल पाए जाने के बाद भारत भेज दिया गया था।
जांच में पता लगा कि अदनान पर एनसीबी मुंबई ने एक और मामला दर्ज किया था। इस मामले में वह वह पैरोल पर बाहर है। मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में जब भी अदनान के खिलाफ कोई मामला दर्ज होता या उसकी गिरफ्तारी की कोशिश होती तो वह अपना ठिकाना बदल लेता था। हालांकि, गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक में कई बार उसे ट्रैक कर लिया गया। इसके बाद एनसीबी ने अदनान को आठ दिसंबर को बंगलूरू से गिरफ्तार कर लिया और केटामाइन जब्त किया।
एनसीबी को जांच में यह भी पता लगा कि जब्त किए गए केटामाइन की आपूर्ति दिल्ली के एक नाइजीरियाई सिंडिकेट ने की थी। कोरियर के जरिये इसकी तस्करी की गई थी। इसके बाद 18 दिसंबर को दिल्ली के महरौली इलाके से इमैनुएल इफानी न्वाओबियोरा उर्फ माइक को उसके दो साथियों एकलेमे अहमेफुला जोसेफ और इमैनुएल ओसाजा के साथ पकड़ा गया। एनसीबी ने बताया कि केटामाइन के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।