भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। कहा कि इस सरकार में अपराधियों का बोलबाला है। अपराधी भयमुक्त हैं, जबकि आम आदमी भय के वातावरण में जी रहा है। अब तो सपा मुखिया ही कह रहे हैं सपा के कुछ लोग जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। ‘सपा का नारा, खाली प्लाट हमारा’ हो गया है। यही कारण है कि अब तक डेढ़ सौ से अधिक पुलिस वालों की जान जा चुकी है। पंद्रह सौ से अधिक की पिटाई की जा चुकी है। इससे शर्मनाक स्थिति और क्या हो सकती है।
एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर तरफ अराजकता का माहौल है। जबसे सपा की सरकार बनी है, अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। गुंडागर्दी चरम पर है। अपराधी पुलिस से नहीं बल्कि पुलिस अपराधियों से डर रही है। जनता अब इस सरकार को उखाड़ फेंकने को तैयार है। 2017 के चुनाव में सपा का सफाया हो जाएगा।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भाजपा में कांग्रेस, सपा, बसपा के बहुत से नेता आना चाह रहे हैं पर किसी को टिकट की शर्त पर पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने प्रदेश में 337 सीटों पर जीत दर्ज की थी। विधानसभा चुनाव में हम फिर उसे दोहराने जा रहे हैं। मतदाताओं और कार्यकर्ताओं के बल पर हम 2017 के विधानसभा चुनाव में कमल खिलाकर रहेंगे।
केशव प्रसाद मौर्या
- फोटो : ब्यूरो/ गोरखपुर
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मायावती कहती थीं कि जब उनकी सरकार आएगी तो सपा के गुंडों और अपराधियों को जेल भेजेंगी, पर सरकार बनने के बाद उन्होंने कुछ नहीं किया। यही बात अखिलेश यादव कहते थे कि सपा की सरकार आएगी तो भ्रष्टाचार फैलाने वाली मायावती जेल में होंगी, क्या हुआ सबको पता है। सच तो यह है कि सपा और बसपा दोनों मिले हुए हैं।
भाजपा की सरकार बनने के बाद भ्रष्ट लोगों की जांच होगी और उनकी जगह जेल होगी। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सपा सरकार में सबसे कम निवेश हुआ है। कोई उद्योगपति यूपी में आना नहीं चाह रहा है। यह सरकार विकास विरोधी है। यहां बिजली-पानी की समस्या है। भाजपा शासित प्रदेशों में चौबीस घंटे बिजली मिल रही है।
मौर्य ने कहा कि भाजपा मथुरा, मुजफ्फरनगर, कैराना की सीबीआई जांच की मांग कर रही है, जबकि प्रदेश सरकार ने आरोपियों को बचाने के लिए आयोग का गठन किया है। राम मंदिर से जुड़े सवाल के जवाब में कहा कि वह भी राम भक्त हैं और चाहते हैं कि अयोध्या में राम मंदिर बने पर यह मामला सुप्रीमकोर्ट में है। इस नाते इस पर कुछ कहना ठीक नहीं।