कांग्रेस विधायक राम्या हरिदास और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चिरायिनकीझू में हुए विवाद को लेकर कांग्रेस ने रविवार को दो कार्यकर्ताओं को निलंबित कर दिया। वहीं, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए केरल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर सात दिन में कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
केपीसीसी के संगठनात्मक मामलों के महासचिव नेय्याट्टिनकर सनल ने बताया कि कांग्रेस नेताओं पालयम प्रदीप और एस सजाद को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों के खिलाफ गंभीर संगठनात्मक अनुशासनहीनता का मामला सामने आया है, जिससे सार्वजनिक रूप से पार्टी की छवि खराब हुई। प्रदीप, हरिदास के निजी स्टाफ के सदस्य थे, जबकि सजाद कांग्रेस नेता हैं। हरिदास ने आरोप लगाया था कि सजाद के घर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया।
विवाद को लेकर किसने किया क्या दावा?
विवाद को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। हरिदास ने आरोप लगाया कि स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने उन पर हमला किया और उन्हें धमकी दी। वहीं, जिला पंचायत सदस्य साजित मुथम्बलम और सजाद का कहना है कि व्हाट्सएप पर एक पोस्ट को लेकर विधायक और पालयम प्रदीप ने उनसे बहस की थी, जिसके बाद हाथापाई हुई।
शुक्रवार रात हुई घटना में हरिदास के घायल होने का आरोप है। उन्होंने चिरायिनकीझू तालुक अस्पताल में इलाज कराया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम एम हसन ने रविवार को मामले की जांच शुरू की। उन्होंने हरिदास पर हमला करने के आरोपों का सामना कर रहे साजित मुथम्बलम और सजाद के बयान दर्ज किए।
जांच समिति के सामने क्यों पेश नहीं हुईं राम्या हरिदास?
हरिदास उस समय नई दिल्ली में थीं और जांच समिति के सामने पेश नहीं हो सकीं। हसन ने कहा कि उन्होंने हरिदास से फोन पर बात की है और उनके लौटने के बाद व्यक्तिगत रूप से उनका पक्ष भी सुनेंगे। जांच समिति के सामने पेश होने के बाद साजित ने कहा कि उन्होंने घटना को लेकर अपना पक्ष विस्तार से रखा है। उन्होंने कहा, "पार्टी ने मेरी पूरी बात सुनी। मुझे पार्टी पर पूरा भरोसा है। मेरा विश्वास है कि पार्टी सही फैसला करेगी।"
केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा, "हम इस मामले को बेहद गंभीरता से देख रहे हैं। इसलिए केपीसीसी के पूर्व अध्यक्ष एम एम हसन को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कांग्रेस और केपीसीसी इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं।" यह पूछे जाने पर कि क्या घटना से पार्टी की छवि खराब हुई है, उन्होंने कहा, "हां, जब ऐसी घटनाएं होती हैं तो इससे पार्टी की छवि खराब होती है।"
पार्टी में मतभेदों को लेकर क्या बोले केपीसीसी अध्यक्ष?
उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर मतभेदों को संगठन के स्तर पर ही सुलझाया जाना चाहिए। जोसेफ ने कहा, "कोई भी किसी की आलोचना कर सकता है। लेकिन यह सार्वजनिक आलोचना नहीं होनी चाहिए। यह पार्टी समितियों, मंचों पर या सीधे की जा सकती है। हमारा मानना है कि मीडिया के सामने ऐसी बातें कहना सही नहीं है।"
एससी आयोग ने की क्या कार्रवाई?
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने राम्या हरिदास से जुड़े कथित हमले के मामले में केरल के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी किया है। आयोग ने राज्य अधिकारियों से नोटिस मिलने के सात दिन के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट देने को कहा है। आयोग ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। उसने प्राथमिकी संख्या और लगाई गई धाराओं, आरोपियों के नाम, गिरफ्तारियों, आरोपपत्र या अंतिम रिपोर्ट और पीड़िता को दिए गए मुआवजे की जानकारी मांगी है।
आयोग ने चेतावनी दी है कि तय समय में रिपोर्ट नहीं मिलने पर वह संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकता है। इसके तहत अधिकारियों या उनके प्रतिनिधियों को आयोग के सामने पेश होने के लिए समन जारी किया जा सकता है।
क्या है पूरा विवाद?
हरिदास ने आरोप लगाया है कि स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने उन पर हमला किया और उन्हें धमकी दी। वहीं, साजित मुथम्बलम और सजाद ने आरोप लगाया कि व्हाट्सएप पोस्ट को लेकर विधायक और उनके सहयोगियों ने उनसे बहस की थी, जिसके बाद हाथापाई हुई।
कांग्रेस की केरल इकाई में दलित महिला चेहरे के रूप में पहचानी जाने वाली हरिदास को घटना में कथित तौर पर चोटें आई थीं और उन्होंने चिरायिनकीझू तालुक अस्पताल में इलाज कराया था।