केरलम के चिरायिनकीझु में कांग्रेस विधायक राम्या हरिदास और स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच शुक्रवार रात झड़प हो गई। घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने विधायक के बयान के आधार पर सात कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। राम्या हरिदास को इस घटना में चोटें आईं, जिसके बाद उन्होंने चिरायिनकीझु तालुक अस्पताल में इलाज कराया। पुलिस के मुताबिक, मामले में भारतीय न्याय संहिता और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं।
राम्या हरिदास ने आरोप लगाया कि स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने उन पर हमला किया और उन्हें धमकी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी नेता सजाद ने उनके खिलाफ व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया पर लगातार नकारात्मक टिप्पणियां की थीं। विधायक के मुताबिक, जब उन्होंने सजाद से इन पोस्ट को लेकर सवाल किया तो उन्होंने बताया कि ये टिप्पणियां सजिथ और विश्वनाथन के निर्देश पर की गई थीं। हरिदास ने कहा कि इसके बाद सजाद ने उन्हें अपने घर पर बातचीत के लिए बुलाया था, जहां वह कुछ लोगों के साथ पहुंची थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में सजिथ, अधीश, बिनॉय और कुछ अन्य लोग वहां पहुंचे और सजिथ ने उनके साथ आक्रामक व्यवहार किया तथा धमकी दी।
क्या सजाद और उनकी पत्नी ने भी पुलिस में शिकायत दी?
सजाद ने बताया कि उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग करते हुए शिकायत दी है। उनकी पत्नी ने भी अलग शिकायत दर्ज कराई है। सजाद का आरोप है कि पुलिस ने अभी तक उनकी और उनकी पत्नी की शिकायतों के आधार पर बयान दर्ज नहीं किए हैं। पुलिस ने कहा है कि सजाद की शिकायत के आधार पर अलग मामला दर्ज किया जाएगा।
कांग्रेस ने विवाद पर क्या कदम उठाया?
घटना को लेकर कांग्रेस के तिरुवनंतपुरम जिला नेतृत्व और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संज्ञान लिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मामले की प्रारंभिक जांच कराने का फैसला किया गया है। जांच के दौरान विधायक राम्या हरिदास और संबंधित कांग्रेस कार्यकर्ताओं का पक्ष सुना जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद पार्टी स्तर पर मामले को लेकर आगे का रुख तय किया जाएगा।