केरल देश का पहला ऐसा राज्य बनने वाला है जो कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज के लिए प्लाज्मा थेरेपी का क्लीनिकल ट्रायल करने जा रहा है। इस थेरेपी में ठीक हो चुके मरीजों के रक्त की एंटीबॉडीज का इस्तेमाल किया जाता है।
राज्य के श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के अपनी तरह के इस पहले प्रोजेक्च को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने राज्य सरकार को इसकी सहमति दे दी है।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार के विज्ञान और तकनीकी विभाग के अंतर्गत आने वाला यह विभाग भारतीय दवा नियंत्रक और आचार समिति की अनुमति मिलने के बाद इस महीने के अंत से ट्रायल शुरू कर सकता है।
संस्थान की निदेशक डॉ. आशा किशोर ने कहा, 'इसके क्लीनिकल ट्रायल करने के लिए हमें आईसीएमआर से अनुमति मिल चुकी है। उन्होंने कहा, यह आक्षेपिक प्लाज्मा थेरेपी का एक प्रकार है। इसमें कोरोना से पूरी तरह ठीक होने वाले लोगों के प्लाज्मा का इस्तेमाल किया जाता है।'