सैनिक की छुट्टी के आखिरी दिन हुई घटना
पुलिस ने कहा कि सैन्य खुफिया कर्मी मौके पर पहुंच गए हैं और भारतीय सेना के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैंकेनिकल इंजीनियर्स (ईएमआई) कोर में तैनात सैनिक पर कथित हमले की जांच का निर्देश देंगे। पुलिस के मुताबिक सैनिक की छुट्टी का आखिरी दिन था, जब यह घटना हुई।
छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
पहचाने गए छह लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 143 (गैरकानूनी तरीके से एकत्र होना), 147 (दंगा करना), 153 (दंगा भड़काने के इरादे से जानबूझकर उकसाना), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 341 (गलत तरीके से रोकना) के तहत छह पहचाने गए लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
पीएफआई की भूमिका स्पष्ट नहीं: पुलिस
पुलिस ने कहा कि यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि कथित घटना में किसी संगठन की कोई भूमिका है या नहीं। कड़क्कल पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा कि सैनिक की शिकायत के मुताबिक उसने अपने घर के पास कुछ लोगों को खड़े देखा, जब वह अपनी बाइक से लौट रहा था।
शिकायत में कहा गया है कि जब उनसे पूछा गया कि वे वहां क्यों थे, तो उन्होंने कहा कि पास के रबर बागान में कोई नशे में पड़ा था और सैनिक से पूछा कि क्या वह उस व्यक्ति को जानता है।
हमलावरों ने हाथ बांधे, पिटाई की, पीठ पर पीएफआई लिखा: सैनिक
उन्होंने कहा कि वह उन लोगों के साथ रबर प्लांटेशन में गए और वहां पहुंचने पर किसी ने उन्हें पीछे से लात मारी और फिर हमलावरों ने उनके हाथ बांध दिए और उनकी पिटाई की। इसके बाद उन्होंने उसकी पीठ पर हरे रंग के पेंट से पीएफआई लिख दिया।
पीएफआई को पहले प्रतिबंधित कर चुका गृह मंत्रालय
पीएफआई आमतौर पर 'पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया' को संदर्भित करता है। इस संगठन जिसे पिछले साल केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया था। पुलिस ने कहा कि सैनिक को कोई चोट नहीं आई है। बयान में कहा गया है कि सैनिक को आज राजस्थान के जैसलमेर में अपनी यूनिट में लौटना था, लेकिन अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह फिलहाल घर पर आराम कर रहे हैं।