नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ देश के कई हिस्सों में हुए हिंसक प्रदर्शनों के पीछे पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का नाम आने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क है। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी विधानसभा में पीएफआई के राजनैतिक संगठन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने प्रश्नकाल के दौरान जवाब देते हुए कहा कि पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियों ने कई स्थानों पर हिंसा और अवैध गतिविधियों में संलिप्तता के लिए ऐसे संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। ऐसे चरमपंथी संगठन लोगों को बांटने की और प्रदर्शनों की आड़ में कुछ स्थानों पर कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने सीएए के खिलाफ शांतिपूर्ण और कानून के अनुरूप प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले किसी व्यक्ति के खिलाफ एक भी मामला नहीं दर्ज किया है।
उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्य में नागरिकता कानून के खिलाफ असाधारण प्रदर्शन हुए और इनमें से ज्यादातर प्रदर्शनों का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से किया गया। लेकिन हमारे राज्य में एसडीपीआई नामक एक समूह है जो चरमपंथी तरीके से सोचता है।
विजयन ने कहा कि वे न सिर्फ हिंसा में शामिल हो रहे हैं बल्कि लोगों को बांटने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की भी कोशिश कर रहे हैं। सरकार के संज्ञान में आया है कि एसडीपीआई के सदस्य कई स्थानों पर प्रदर्शनों में घुसने और मुद्दों को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।