केरल के सलाफी प्रचारक शमसुद्दीन फरीद ने ओणम और क्रिसमस को गैर-इस्लामिक बताते हुए हराम करार दिया है। सलाफी इस्लाम की एक विचारधारा है। शमसुद्दीन इस विचारधारा से जुड़े 'एक्सट्रीम सलाफी' नाम के संगठन के अधिकारिक प्रवक्ता है। इस संगठन पर केरल के मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथ की तरफ मोड़ने में अहम भूमिका निभाने का आरोप लगते रहे हैं।
शमसुद्दीन ने कहा, 'हम ओणम और क्रिसमस जैसे त्योहारों में शामिल नहीं होते, क्योंकि इनमें एक से अधिक देवताओं को मानने वाला विचार शामिल है। आप कह सकते हैं कि ओणम फसल से जुड़ा त्योहार है, लोकिन उसकी जड़ में हिंदू मान्यताएं हैं।'
शमसुद्दीन ने कहा, 'केरल के कई मुस्लिम संगठन लोगों को इस्लाम का सही पाठ पढ़ाने से डरते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इसका पालन करना समाज में रहते हुए मुमकिन नहीं है। शमसुद्दीन ने कहा कि हमें इस्लाम का पालन करने में कोई दिक्कत नहीं है, फिर चाहे समाज इसके ऊपर त्योंरियां क्यों ना चढ़ाए।'