केरल विधानसभा में गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष पी. श्रीरामकृष्णन को हटाने के लिए आईयूएमएल विधायक, एम उमेर ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया। इसपर सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के सदस्यों ने अपनी बात रखी। चर्चा के बाद इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। वहीं स्पीकर के जवाब के तुरंत बाद विपक्षी यूडीएफ ने विधानसभा से वाकआउट कर दिया।
चर्चा के दौरान प्रस्ताव पर अपना पक्ष रखते हुए भाजपा के एकमात्र विधायक ओ राजगोपाल ने कहा, 'विधानसभा में सभी 140 सदस्यों के लिए स्पीकर को रोल मॉडल होना चाहिए। लेकिन स्पीकर पर तस्करों के साथ संबंध रखने का आरोप है, जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है।'
विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने कहा, 'पी. श्रीरामकृष्णन पहले ऐसे व्यक्ति होंगे जिन्होंने राज्य के इतिहास में स्पीकर की कुर्सी संभाली, जबकि तस्करों के साथ संबंध रखने के कारण उनपर दाग लगा। विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है। किसी भी स्पीकर के खिलाफ सोने के तस्करों के साथ जुड़ने जैसे कोई आरोप कभी सामने नहीं आए हैं।'
वहीं स्पीकर का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा, 'अदालत में सोना तस्करी के आरोपियों द्वारा दिए गए 164 बयान अभी तक सामने नहीं आए हैं। इतने महीनों से जांच एजेंसी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। ऐसे में आरोपियों द्वारा दिए गए 164 बयानों पर कैसे भरोसा किया जा सकता है? जांच एजेंसियां जानबूझकर केरल विधानसभा अध्यक्ष की खराब छवि चित्रित करने की कोशिश कर रही हैं। यह प्रथा गलत है और विपक्ष द्वारा इसका समर्थन करना दुर्भाग्यपूर्ण है।'