दुष्कर्म के आरोपी बिशप के खिलाफ प्रदर्शन करने वाली चार नन के केरल कैथोलिक चर्च द्वारा स्थानांतरण के एक दिन बाद सिस्टर अनुपमा केलामंगलातुवेलियिल ने कहा कि यह ट्रांसफर ऑर्डर ‘हमें भावनात्मक रूप से अलग और अस्थिर करने की कोशिश है।’ अनुपमा को पंजाब के चमियारी कॉनवेंट में लौटने को कहा गया है।
उन्होंने कहा, ‘इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि जो लोग हमें यहां संरक्षण नहीं दे रहे हैं, बिहार और पंजाब जैसे स्थानों पर हमारी रक्षा करेंगे।’ अनुपमा ने मिशन से जाने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि जब तक न्याय नहीं हो जाता वह यहीं रहेगी। यह कोई नया स्थानांतरण आदेश नहीं है, केवल मिशन के कॉनवेंट में लौटने का रिमाइंडर है, जहां वह पहले रहती थीं। हमें पिछले साल मार्च के आदेश का पालन करने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि हम सब अपनी बहन (दुष्कर्म पीड़िता) को समर्थन देने के लिए कोट्टायम आए हुए हैं। जब तक उसे न्याय नहीं मिल जाता हम यहीं रहेंगी। तीन अन्य सिस्टर, सिस्टर अल्फी को बिहार के पकरतला कॉनवेंट, सिस्टर जोसेफिन को झारखंड के ललमटिया और सिस्टर अंकिता को केरल के कन्नूर स्थानांतरण किया गया है।