पेरिया डबल मर्डर केस में एके बालन का बयान
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केरल में पांच साल पहले युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले में सीबीआई कोर्ट का फैसला आ चुका है। अदालत ने सात सीपीआईएम सदस्यों समेत कुल 14 लोगों को दोषी पाया है। सीबीआई कोर्ट के फैसले के बाद इस मामले में वाम दल कटघरे में है। हालांकि, सीपीआईएम नेता एके बालन ने कहा है कि इस दोहरे हत्याकांड से उनकी पार्टी का कोई संबंध नहीं है। सीबीआई कोर्ट के फैसले को लेकर एक सवाल के जवाब में बालन ने कहा, दोषी पाए गए सभी लोगों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा। उन्होंने कहा, केरल पुलिस ने मामले में शुरुआती दौर से ही कड़ा रुख अपनाया था। सीबीआई ने केवल राज्य की पुलिस द्वारा शुरू की गई जांच को पूरा किया है।
लोग जानते हैं कि असलियत में हत्या करने वाली पार्टी कौन
बता दें कि बालन केरल की पिनारई विजयन सरकार में कानून मंत्री भी रह चुके है। उन्होंने कहा कि सीबीआई कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस माकपा पर हत्या का आरोप लगा रही है, लेकिन लोग जानते हैं कि असलियत में हत्या करने वाली पार्टी कौन सी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ साल पहले त्रिशूर में एक कांग्रेस कार्यकर्ता ने आंतरिक गुटीय संघर्ष के कारण पार्टी के एक साथी की हत्या कर दी थी। अब वही पार्टी माकपा पर आरोप लगा रही है।
क्रूरता से हत्याएं करने और जनता के पैसे के दुरुपयोग का आरोप
बालन के बयान से से पहले कांग्रेस नेताओं ने माकपा पर हमला करते हुए अदालत के फैसले को वामपंथी पार्टी की 'हिंसा की संस्कृति' पर गहरा आघात बताया। केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी डी सतीशन ने माकपा पर आतंकवादी संगठनों से भी अधिक क्रूरता से हत्याएं करने का आरोप लगाया। उन्होंने माकपा और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से माफी की मांग की। सतीशन ने बालन पर आरोपियों को बचाने के लिए करोड़ों रुपये के जनता के धन (public funds) का दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप भी लगाए।
क्या है मामला, सीबीआई कोर्ट तीन जनवरी को सजा सुनाएगी
गौरतलब है कि केरल में कासरगोड के पेरिया में दो युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले में शनिवार को एक सीबीआई अदालत ने सीपीआई(एम) के पूर्व विधायक समेत 14 आरोपियों को दोषी ठहराया। हत्या पांच साल पहले हुई थी और मृतकों की पहचान क्रिपेश और सरथ लाल के तौर पर की गई है। 24 आरोपियों में से अदालत ने आठ को हत्या की साजिश के आरोप में दोषी पाया। अन्य छह को साजिश रचने, सबूतों को नष्ट करने और अपराध को अंजाम देने में सहायता प्रदान करने में दोषी पाया गया है। बाकी के 10 आरोपियों को मामले से बरी कर दिया गया है। अदालत दोषियों को तीन जनवरी को सजा सुनाएगी।
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