गृहयुद्ध की आग में झुलस रहे लीबिया में काम कर रही भारतीय नर्स सुनू सत्यन और उसके डेढ़ साल के मासूम बच्चे की एक रॉकेट हमले में जान चली गई है। सुनू केरल की रहने वाली थी और लीबिया के जाविया शहर में एक अस्पताल में बतौर नर्स काम कर रही थी। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर बताया कि सुनू सत्यन अपने परिवार के साथ लीबिया की राजधानी त्रिपोली से 45 किमी दूर जाविया शहर स्थित अपार्टमेंट में रहती थी। लीबिया में सरकार और विद्रोहियों के बीच लड़ाई चल रही है।
शुक्रवार करीब शाम चार बजे उनके अपार्टमेंट में रॉकेट हमला हुआ, जिसमें सुनू सत्यन और उनके बेटे प्रणव की मौत हो गई। स्वराज ने बताया कि हम सुनू सत्यन के पति विपिन कुमार के साथ संपर्क में हैं। विपिन कुमार भी लीबिया के अस्पताल में बतौर नर्स काम करते हैं। हमले के वक्त वह अस्पताल चले गए थे, जिसके चलते जीवित बच गए। वहीं, सुनू के पिता सत्यन नायर ने बताया कि शुक्रवार को उनकी बेटी सुनू सत्यन और उसका बेटा लीबिया स्थित अपने घर में सो रहे थे, तभी एक विस्फोट हुआ।
इसमें दोनों की मौत हो गई। केरल के कोट्टायम जिले के कोंडाडू से ताल्लुक रखने वाले नायर ने बताया कि उनकी बेटी सुनू लीबिया के जाविया मेडिकल सेंटर अज जाविया में नर्स के रूप में काम कर रही थी। नायर ने अपने दामाद विपिन की की सुरक्षा की भी मांग की है। नायर ने एमएलए मोन्स जोसेफ के माध्यम से केरल सरकार को पत्र लिखकर दोनों के शवों को वापस लाने में मदद की गुहार लगाई है।