पूर्व बिशप फ्रैंको मुलक्कल को नन से दुष्कर्म मामले में केरल की उच्च न्यायालय ने सशर्त जमानत दे दी है। सोमवार को केरल उच्च न्यायालय ने कुछ शर्तों के साथ बिशप फ्रैंको मुलक्कल को बेल दी है जिसमें उन्हें केरल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है। इसके अलावा बिशप को अपना पासपोर्ट भी अदालत में सरेंडर करना होगा। उन्हें केरल पुलिस ने कई बार की पूछ-ताछ के बाद 21 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया था।
बता दें इसी साल जून में 43 साल की नन से पुलिस में मुलक्कल के खिलाफ शिकायत की थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि बिशप ने उसके साथ 2014 से लेकर 2016 तक 13 बार दुष्कर्म किया था। मामला तूल पकड़ने के बाद बिशप ने अपने बचाव में कई तर्क दिए थे।
बिशप के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के 85 दिन बाद गिरफ्तारी हुई थी। 28 जून को कुराविलंगड़ थाने में दुष्कर्म पीड़िता का बयान दर्ज किए जाने के बाद बिशप के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।