केरल में आईएएस अधिकारी के मोबाइल नंबर से एक समुदाय के अफसरों के लिए बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप पर बवाल मच गया है।राज्य के उद्योग मंत्री पी राजीव ने सोमवार को कहा कि सरकार इस मामले की कड़ी जांच करेगी। दरअसल, एक आईएएस अधिकारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उनका मोबाइल हैक कर लिया गया और उसके बाद इसका इस्तेमाल धार्मिक समूह बनाने के लिए किया गया।
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए राजीव ने कहा कि राज्य सरकार इसकी जांच करेगी। घटना को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि समुदाय आधारित विभाजन अत्यधिक चिंताजनक हैं।
उन्होंने सोमवार को नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा, 'सरकार इस मामले की जांच करेगी। आईएएस अधिकारियों के लिए एक सामान्य आचार संहिता है, जो लोक प्रशासन विभाग के अंतर्गत आती है। हम वर्तमान में स्थिति की जांच कर रहे हैं। आइए समीक्षा करें और निर्धारित करें कि क्या करने की आवश्यकता है।'
यह मामला तब सामने आया जब एक आईएएस अधिकारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें दावा किया गया कि उनके व्यक्तिगत व्हाट्सएप नंबर को हैक कर लिया गया है और इसका इस्तेमाल धार्मिक समूह बनाने के लिए किया गया है। उन्होंने तिरुवनंतपुरम शहर के पुलिस आयुक्त को एक शिकायत सौंपी, जिसमें मामले की जांच का अनुरोध किया गया।
अधिकारी के करीबी एक सूत्र ने बताया कि विवादास्पद व्हाट्सएप ग्रुप में विभिन्न समुदायों के अधिकारियों को जोड़ा गया था और ग्रुप को हिंदू समुदाय का ग्रुप बताया गया था। इस बात पर ध्यान देने के बाद, अधिकारी ने तुरंत शिकायत दर्ज कराई और ग्रुप को हटा दिया। अपनी शिकायत में उन्होंने कहा कि उन्होंने इस ग्रुप में किसी भी अधिकारी को नहीं जोड़ा था। सूत्रों ने बताया कि यह घटना तीन दिन पहले हुई थी।
कलेक्ट्रेट विस्फोट मामले में तीन लोग दोषी करार
केरल की एक अदालत ने 2016 में कोल्लम जिला कलेक्ट्रेट में हुए कम तीव्रता वाले आईईडी विस्फोट से संबंधित मामले में सोमवार को तीन लोगों को दोषी ठहराया। जबकि, चौथे आरोपी को बरी कर दिया गया।
कोल्लम शहर के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यहां के प्रधान सत्र न्यायालय ने यह फैसला सुनाया और मंगलवार को सजा सुनाई जाएगी।
गौरतलब है, कलेक्ट्रेट परिसर में जीप में बम विस्फोट 15 जून, 2016 को हुआ था। एक आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बम को टिफिन बॉक्स में छिपाकर कलेक्ट्रेट परिसर में खड़ी जीप में रखा गया था। मुंसिफ कोर्ट के पास सुबह पौने 11 बजे जोरदार आवाज के साथ विस्फोट हुआ। आरोपियों के खिलाफ मामले में यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम), आपराधिक षड्यंत्र, हत्या का प्रयास और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत आरोप शामिल हैं।