सीएम विजयन ने की उच्च स्तरीय बैठक, ताजा हालात पर हुई चर्चा
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मंगलवार को वायनाड में भूस्खलन के बाद बचाव कार्यों के समन्वय और पहाड़ी जिले में बड़े पैमाने पर भूस्खलन के मद्देनजर आगे के कदमों पर चर्चा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इस भूस्खलन में कम से कम 123 लोगों की जान चली गई और 128 से अधिक लोग घायल हो गए। कई विभागों के शीर्ष नौकरशाहों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में सीएम विजयन ने बचाव कार्यों का आकलन किया और इसके साथ ही केंद्र सरकार की एजेंसियों के साथ समन्वय, आपदा प्रतिक्रिया बलों की तैनाती और राहत शिविरों में स्वास्थ्य और सुरक्षा सावधानियों और सुविधाओं की समीक्षा की।
मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का रेड अलर्ट
वहीं मौसम विभाग के अनुसार वायनाड में आने वाले कुछ दिन और खराब हो सकते हैं। मौसम विभाग ने वायनाड के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जबकि पड़ोसी मलप्पुरम, कोझिकोड और कनूर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तेज बारिश के कारण बचाव अभियान प्रभावित हो सकता है।
उत्तर भारत के चार पर्यटक भी फंसे, दो लापता
वायनाड में भूस्खलन में उत्तर भारत के चार पर्यटक और कर्नाटक का एक टैक्सी ड्राइवर भी फंस गए हैं। हालांकि पर्यटकों की पहचान नहीं हो पाई है। बंगलूरू में टैक्सी सेवा देने वाले सचिन गौड़ा ने बताया, पिछले बृहस्पतिवार को हमें ऑनलाइन बुकिंग मिली थी और एक अर्टिगा गाड़ी से हमने इन चारों पर्यटकों को बंगलूरू हवाईअड्डे से रिसीव किया। ये सभी ईशा फाउंडेशन के कोयंबटूर से आरंभ करने के बाद कूर्ग होते हुए वायनाड पहुंचे थे और दो दिन से वहीं थे। मंगलवार तड़के भूस्खलन में ये सभी वहां फंस गए। गौड़ा ने बताया, टैक्सी ड्राइवर ने सोमवार देर रात बताया कि हर ओर पानी ही पानी है। वह इतना डर गया कि रात में ही नजदीक के अस्पताल में चला गया। पर्यटकों में दो महिलाओं को भी बाद में बचा लिया गया और एक का आईसीयू में इलाज चल रहा है। दूसरी की हालत ठीक है। दो अन्य लापता हैं और उनके फोन भी बंद हैं।
उत्तर भारत के चार पर्यटक भी फंसे, दो लापता
वायनाड में भूस्खलन में उत्तर भारत के चार पर्यटक और कर्नाटक का एक टैक्सी ड्राइवर भी फंस गए हैं। हालांकि पर्यटकों की पहचान नहीं हो पाई है। बंगलूरू में टैक्सी सेवा देने वाले सचिन गौड़ा ने बताया, पिछले बृहस्पतिवार को हमें ऑनलाइन बुकिंग मिली थी और एक अर्टिगा गाड़ी से हमने इन चारों पर्यटकों को बंगलूरू हवाईअड्डे से रिसीव किया। ये सभी ईशा फाउंडेशन के कोयंबटूर से आरंभ करने के बाद कूर्ग होते हुए वायनाड पहुंचे थे और दो दिन से वहीं थे। मंगलवार तड़के भूस्खलन में ये सभी वहां फंस गए। गौड़ा ने बताया, टैक्सी ड्राइवर ने सोमवार देर रात बताया कि हर ओर पानी ही पानी है। वह इतना डर गया कि रात में ही नजदीक के अस्पताल में चला गया। पर्यटकों में दो महिलाओं को भी बाद में बचा लिया गया और एक का आईसीयू में इलाज चल रहा है। दूसरी की हालत ठीक है। दो अन्य लापता हैं और उनके फोन भी बंद हैं।
फंसे लोगों को निकालने के लिए लगाए गए हेलिकॉप्टर
वायु सेना स्टेशन, सुलूर से दो हेलिकॉप्टर लोगों को तेजी से बाहर निकालने के लिए तैनात किए गए हैं। इसके अलावा नौसेना की रिवर क्रॉसिंग टीम भी बचाव में जुटी है। मुख्यमंत्री विजयन के ओएसडी एस कार्तिकेयन को सभी बचाव एजेंसियों के बीच समन्वय का काम सौंपा गया है।
वहीं वायनाड में भूस्खलन के बाद बचाव अभियान पर भारतीय सेना ने बताया कि भारतीय सेना, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर वायनाड के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान चला रही है। मुदक्कई गांव से करीब 150 लोगों को बचाया गया है, उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। ऑपरेशन के लिए पहले से ही तैनात लगभग 225 कर्मियों की कुल क्षमता वाली चार टुकड़ियों के अलावा, लगभग 140 कर्मियों की क्षमता वाली दो और टुकड़ियां तिरुवनंतपुरम में स्टैंडबाय पर हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें कम समय में हवाई मार्ग से पहुंचाया जा सके।
वायनाड भूस्खलन में अब तक 123 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 128 लोग घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक मलबे में सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं, जिससे मौतों की आशंका बढ़ गई है।
भारतीय तटरक्षक बल ने वायनाड भेजा आपदा राहत दल
वहीं वायनाड में भूस्खलन आपदा के जवाब में, भारतीय तटरक्षक बल जिला मुख्यालय (केरल और माहे) और भारतीय तटरक्षक बल स्टेशन बेपोर ने प्रभावित क्षेत्र में आपदा राहत दल भेजा है। आपदा से प्रभावित समुदायों को तत्काल राहत और सहायता प्रदान करने के लिए टीमों को जुटाया गया है। राहत दल में उच्च प्रशिक्षित ICG कर्मी और एक समर्पित चिकित्सा दल शामिल है। टीम जरूरी आपदा राहत सामग्री से लैस है। इसमें बचाव कार्यों के लिए रबर की नावें, पानी और जल निकासी की समस्याओं को प्रबंधित करने के लिए डीजल से चलने वाले पंप, सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट, प्रतिकूल मौसम की स्थिति में कर्मियों की सुरक्षा के लिए रेनकोट और गम बूट और मलबे को साफ करने और प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए अन्य मिट्टी साफ करने वाले उपकरण मौजूद है।
वायनाड भूस्खलन: इस्राइल के राजदूत और ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त ने की संवेदना व्यक्त
भारत में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने वायनाड के मेप्पाडी इलाके में हुए भूस्खलन में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। वहीं ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, वायनाड जिले से आ रही खबर से स्तब्ध हूं। हमारी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं, जो भूस्खलन से प्रभावित हुए हैं। बचावकर्मी अपने बहादुर प्रयासों के लिए प्रशंसा के पात्र हैं। इस बीच भारत में इस्राइल के राजदूत नाओर गिलोन ने शोक संतप्त परिवारों के लिए संवेदना और प्रार्थना व्यक्त की। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, केरल के वायनाड में हुए विनाशकारी भूस्खलन की घटना के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ। शोक संतप्त परिवारों के लिए मेरी गहरी संवेदना और प्रार्थनाएं। ओम शांति। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
केरल में वायनाड के चूरलमाला क्षेत्र में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर चला रहे हैं बचाव अभियान, जहां आज भूस्खलन हुआ था जिसमें 93 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।
केरल में लगातार बारिश के बीच वायनाड के चूरलमाला इलाके में बारिश और भूस्खलन की वजह से एनडीआरएफ समेत आपातकालीन प्रतिक्रिया दल खोज और बचाव अभियान में लगे हुए हैं। इलाके में मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, हमें नहीं पता कि कितने लोग मिट्टी के नीचे दबे हुए हैं। यह पहली बार है जब यहां ऐसी घटना हुई है।
केरल: भारतीय वायुसेना ने वायनाड में आपदा राहत दल तैनात किया है, जहां आज हुए भूस्खलन में 93 लोगों की मौत हो गई।
केरल के वायनाड में आज हुए भूस्खलन में मारे गए लोगों के शव नीलांबुर तालुक अस्पताल लाए गए। कुल 93 शव बरामद किए गए हैं।
वायनाड भूस्खलन में फिर बढ़ा मौतों का आंकड़ा, राज्य सरकार के अनुसार अब तक 93 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं और 128 लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है।
केरल के वायनाड में भारतीय सेना, एनडीआरएफ का चूरलमाला क्षेत्र में बचाव अभियान जारी। आज हुए भूस्खलन में 84 लोगों की हुई मौत।
वायनाड में भूस्खलन के बाद हुई भीषण तबाही में बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद राज्य सरकार ने राज्य में दो दिनों के लिए शोक की घोषणा की है।
वहीं केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव शेखर कुरियाकोस ने कहा, बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और हमारे पास पर्याप्त बल हैं। एनडीआरएफ को पहले से ही तैनात कर दिया गया है... अग्निशमन और बचाव की 10 टीमें, 200 नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक, एनडीआरएफ की 3 टीमें काम कर रही है। उन्होंने बताया कि हमने NDRF की चौथी टीम, रक्षा सुरक्षा पुलिस की दो टीमें और नौसेना की एक नदी पार करने वाली टीम को यहां भेजने का अनुरोध किया है। हमने सेना से इंजीनियरिंग टास्क फोर्स के लिए भी अनुरोध किया है। हमारे पास इन सैनिकों को ले जाने के लिए विमान तैयार हैं।
वायनाड में भूस्खलन के बाद खोज और बचाव अभियान पर, एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट एस शंकर पांडियन ने कहा कि हमारी टीमें वायनाड में कई जगहों पर तैनात हैं। यहां तक कि कोझिकोड में भी भूस्खलन की आशंका थी, एनडीआरएफ की टीम वहां भी तैनात है। एनडीआरएफ की 3 टीमें पहले से ही वायनाड में हैं। हालांकि हमें भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
केरल के वायनाड के चूरलमाला इलाके में बारिश और भूस्खलन के बाद एनडीआरएफ की टीम का बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
केरल के वायनाड के चूरलमाला क्षेत्र में बचाव अभियान जारी, भूस्खलन में 84 लोगों की हुई मौत, 116 लोग घायल।
भारतीय सेना के अधिकारी के मुताबिक भारतीय सेना की टुकड़ी 12 बजे तक चूरलमाला में भूस्खलन वाली जगह पर पहुंच गई। फिलहाल चूरलमाला के वार्ड नंबर 10 में रस्सियों की मदद से सैनिकों को नदी पार कराया जा रहा है।
वायनाड में हुए भूस्खलन में मृतकों का आंकड़ा बढ़ गया है। ताजा जानकारी के अनुसार हादसे में कुल 84 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 116 से ज्यादा घायल हैं।
केरल राजस्व मंत्री का कार्यालय के अनुसार, मरने वालों की संख्या बढ़कर 63 हो गई है अब तक कुल 116 लोगों के घायल होने की सूचना है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन से बात की और वायनाड में स्थिति का जायजा लिया। गृह मंत्री ने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन पर एनडीआरएफ के डीआईजी भारत भूषण वैद ने कहा, 'हमारी टीम प्री-मानसून तैनाती के लिए वहां तैनात थी। हमारी दो टीमें रास्ते में हैं और उनके आज दोपहर तक वहां पहुंचने की संभावना है। बारिश अभी भी जारी है।'
वायनाड में हुए भूस्खलन पर केरल के मंत्री एम.बी. राजेश ने कहा, 'अब तक 45 लोगों की मृत्यु हो चुकी है...विभिन्न एजेंसियों द्वारा युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। हमने सेना से मदद मांगी है जो जल्द ही प्रभावित इलाकों में पहुंच जाएगी। मुख्यमंत्री इस अभियान पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं। उन्होंने मंत्रियों की एक टीम वायनाड भेजी है... 250 लोगों को बचाया गया है और उन्हें अस्थायी आश्रय शिविरों में भेजा गया है। हम फंसे हुए लोगों को हवाई मार्ग से निकाल रहे हैं। बचाव अभियान के लिए सरकार द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।'
करीब 70 लोग घायल
वायनाड में भारी बारिश और भूस्खलन पर केरल की मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा, 'हम अपने लोगों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। हमें विभिन्न अस्पतालों से 24 शव मिले हैं। करीब 70 लोग घायल भी हैं। हमने घायलों का इलाज सुनिश्चित किया है। एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें वहां मौजूद हैं। नौसेना की एक टीम भी जल्द ही वहां पहुंचेगी। इलाके का एक पुल भी बह गया है।'
सीपीआई सांसद ने कहा, 'कुछ निजी कंपनियां भी हैं, जो राज्य सरकारें इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार हैं क्योंकि वे रास्ते और सड़कें बनाने के लिए अपनी एक इंच भूमि भी देने को तैयार नहीं हैं। तो आपके पास केवल पुल हैं। इसलिए, यदि पुल ढह जाते हैं, तो आप कुछ नहीं कर सकते। इसलिए, वायनाड में हुई इस त्रासदी के लिए ये लालची लोग भी जिम्मेदार हैं।'
संतोष कुमार ने आगे कहा, '2019 में भी इस तरह का भूकंप आया था और संबंधित मुद्दे थे लेकिन इस साल यह हैरान करने वाला है, पिछले साल से कोई तुलना नहीं है। वायनाड और विशेष रूप से यह क्षेत्र काफी खतरा भरा है। केरल समग्र रूप से पारिस्थितिकीय रूप से बहुत संवेदनशील स्थान बन गया है। मैं नहीं जानता कि क्या होने जा रहा है। सरकार लोगों को बचाने में जुटी है। सभी राजनीतिक दलों के नेता केवल वहां हैं। हम भी उनके संपर्क में हैं। मुझे उम्मीद है कि हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचा सकते हैं। दुख की इस घड़ी में हम सभी वायनाड के साथ खड़े हैं। मैं भी लगातार उनके संपर्क में हूं।'
भारी बारिश के बाद भूस्खलन
मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने बताया कि सभी सरकारी एजेंसियां राहत और बचाव कार्य में एकजुट होकर नागरिकों की मदद कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने एक नियंत्रण कक्ष खोला है और आपातकालीन फोन नंबर 9656938689, 8086010833 जारी किए हैं। इसके अलावा, वायुसेना के दो हेलीकॉप्टर एमआई-17 और एक एएलएच सुबह साढ़े सात बजे सुलूर से उड़ान भरेंगे।