एअर इंडिया एक्सप्रेस ने बुधवार को कहा कि कोझिकोड में विमान दुर्घटना में घायल हुए 85 लोगों को ठीक होने के बाद विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी मिल गई है। गौरतलब है कि चालक दल के छह सदस्यों सहित 190 लोगों के साथ दुबई से पहुंचा एअर इंडिया एक्सप्रेस का विमान शुक्रवार रात कोझिकोड हवाईअड्डे पर भारी बारिश के बीच हवाई पट्टी से फिसलने के बाद 35 फुट गहरी खाई में जा गिरा था और उसके दो टुकड़े हो गए थे। इस हादसे में दोनों पायलट सहित 18 लोगों की मौत हो गई थी।
नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को बताया था कि 149 लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया है जिनमें से 23 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। तीन घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। एयरलाइन ने एक बयान में कहा कि दुर्घटनाग्रस्त विमान के यात्रियों का इलाज कोझिकोड के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
बयान मे कहा गया कि ठीक होने के बाद 85 लोगों को विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी दी गई है। राष्ट्रीय विमानन कंपनी एअर इंडिया की अनुषंगी एअर इंडिया एक्सप्रेस के पास बी-737 बेड़े का केवल एक ही विमान था।
एअरलाइन ने रविवार को बताया था कि 16 यात्रियों के शव उनके परिवारों को सौंप दिए गए हैं। अधिकारी इस दुर्घटना की जांच कर रहे हैं।
दुर्घटना के बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी: एएआईबी प्रमुख
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) के महानिदेशक अरबिंदो हांडा ने कहा कि "एअर इंडिया एक्सप्रेस विमान दुर्घटना की औपचारिक जांच के लिए साक्ष्य इकट्ठा किए जा रहे हैं और घटना के कारणों के बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।"
दुर्घटना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि "विमान (दुर्घटना एवं घटना की जांच) नियम 2017 तथा आईसीएओ अनुलग्नक 13 के तहत जांच की जा रही है।" उन्होंने एक न्यूज एजेंसी को दिए गए साक्षात्कार में कहा कि ‘‘चूंकि जांच का उद्देश्य दुर्घटनाओं और घटनाओं को रोकना है, इसलिए सभी कारणों की गहन जांच की जाएगी। दुर्घटना के कारणों के बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।’’
उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के अनुलग्नक-13 में विमान दुर्घटना और घटना की जांच पर अंतरराष्ट्रीय मानक और सुझाए गए तरीके शामिल हैं। दुर्घटनाग्रस्त हुए विमान का डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) तलाश कर लिया गया है।