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ISIS में भारतीयों की भर्ती करने वाली महिला को कोर्ट ने सुनाई 7 साल की सजा

Sat, 24 Mar 2018 01:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोर्ट
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने शनिवार को आतंकी संगठन आईएसआईएस के लिए भारतीयों की भर्ती करने के मामले में यास्मीन मोहम्मद जाहिद को सात साल की सजा सुनाई है। उसे केरला भर्ती केस से संबंध रखने के मामले में यह सजा सुनाई गई है। मंगलवार को कोर्ट ने आतंकी भर्ती मामले में ट्रायल पूरा कर लिया था। बिहार की रहने वाली जाहिद उन दो आरोपियों में शामिल है जिसका नाम पहले केरला पुलिस की और बाद में एनआईए की जांच में सामने आया था।

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यास्मीन जिसने कि अपने नाबालिग बेटे के साथ आईएस में शामिल होने की कोशिश की थी उसे 30 जुलाई, 2016 को केरला पुलिस ने दिल्ली अतंर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उस समय रोक लिया था जब वह आतंकी संगठन में शामिल होने के लिए जा रही थी। एजेंसी ने साल 2017 में इस मामले को लेकर चार्जशीट दाखिल की थी। जिसमें उसने अब्दुल राशिद अब्दुल्ला और यास्मीन को दो आरोपी बनाया था। सरकारी अभियोजक अर्जुन ने बताया- कोर्ट ने धारा 125 के तहत सात साल की सजा और धारा 38, 39 और 40 के तहत सात साल की सजा दी है। इसके अलावा कोर्ट ने आरोपी पर 25,000 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

अपने बयान में जांच एजेंसी ने कहा था कि यह मामला कुछ युवाओं द्वारा भारत के भीतर और बाहर आपराधिक साजिश रचने का है। मूलरूप से केरला के कासरगोड जिले का रहने वाला अब्दुल्ला अपने परिवार के साथ भारत छोड़कर आतंकी संगठन में शामिल होने के इरादे से जा रहा था। एनआईए की जांच में पता चला था कि मुख्य आरोपी अब्दुल्ला ने कासरगोड के बहुत से युवाओं को बरगलाया था और उन्हें परिवार के साथ आईएस में शामिल होने के लिए प्रेरित किया था। कासरगोड के अलावा उसने कई स्थानों पर अपनी हिंसक जिहाद की विचारधारा का प्रसार किया था।

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