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एनआईए के रडार पर जम्मू-कश्मीर से केवल दो पायदान पीछे है केरल, बढ़ रहे हैं आतंक से संबंधित मामले

Tue, 11 Aug 2020 06:49 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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NIA - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव वाले आतंकवाद के मामले तथा साथ ही देश की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता को प्रभावित करने वाले अन्य अपराधों की जांच के गठित राष्ट्रीय जांच एजेंसी, एनआईए के रडार पर जहां जम्मू-कश्मीर पहले नंबर पर है, तो वहीं केरल अब उससे केवल दो पायदान पीछे है।

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तीन माह पहले तक एनआईए ने जम्मू-कश्मीर को लेकर 37 केस दर्ज किए थे, जबकि केरल में ऐसे मामलों की संख्या 35 थी। गत संसद सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्रालय में राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि एनआईए द्वारा इसकी स्थापना से लेकर अभी तक 319 मामले दर्ज किए गए हैं।

जिन मामलों में आरोप पत्र दायर किए गए हैं, उनकी संख्या 237 है। एनआईए ने 15 मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दी है। राज्य पुलिस को तीन केस ट्रांसफर किए गए हैं। दोषसिद्धि की दर 90.32 फीसदी रही है।
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बता दें कि वर्तमान में एनआईए के कार्यालय दिल्ली, तेलंगाना, असम, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ और चंडीगढ़ में स्थित हैं। जम्मू-कश्मीर के बाद केरल में आतंकवाद खासतौर पर आईएस से जुड़े मामले देखने को मिल रहे हैं।

एनआईए ने विभिन्न धाराओं के तहत 35 मामले दर्ज कर जांच शुरू की थी। इनमें से 29 केसों में आरोप पत्र दायर किया जा चुका है। सात मामलों की अभी जांच चल रही है। 14 केसों का निर्णय सुनाया गया है। एक केस ऐसा भी रहा है, जिसे राज्य सरकार को ट्रांसफर किया गया है।

एक मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है। जम्मू-कश्मीर में 37 केस दर्ज हुए हैं, जिनमें से 22 मामलों में आरोप पत्र दायर किए जा चुके हैं। 14 मामलों की जांच चल रही है। त्रिपुरा, उत्तराखंड, मेघालय और हिमाचल प्रदेश में एनआईए का केवल एक-एक मामला देखने को मिला है।

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