सार
अंग प्रत्यारोपण सर्जरी तिरुवनंतपुरम के अस्पताल किम्स हेल्थ में हुआ। सर्जरी का समन्वय करने वाले अस्पताल के किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण मुरलीधरन ने बताया कि यह एक टीम वर्क था। इस दौरान लिवर, किडनी व पैनक्रियाज का प्रत्यारोपण किया गया।
केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में 24 घंटे में पांच मरीजों को जीवनदान मिला। एक ही दिन में पांच अंगों का प्रत्यारोपण किया गया। पांचों सर्जरी को एक साथ अंजाम दिया गया।
अंग प्रत्यारोपण सर्जरी तिरुवनंतपुरम के अस्पताल किम्स हेल्थ में हुआ। सर्जरी का समन्वय करने वाले अस्पताल के किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण मुरलीधरन ने बताया कि यह एक टीम वर्क था। इस दौरान लिवर, किडनी व पैनक्रियाज का प्रत्यारोपण किया गया। सरकार ने हमें इनके प्रत्यारोपण की इजाजत दी थी। उसी के अनुरूप सर्जरी की गई।
डॉ. मुरलीधरन ने बताया कि बड़ी संख्या में डॉक्टरों, नर्सों और सहायक कर्मचारियों के प्रयासों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी एजेंसियों के सहयोग और किम्स अस्पताल प्रशासन की मदद से इस समूची प्रक्रिया को पूरा किया गया।
एक लिवर से दो की जान बचाई
डॉ. मुरलीधरन ने बताया कि एक लड़की की किडनियां व लिवर दोनों खराब थे, इसलिए उसे इन दोनों अंगों की जरूरत थी। 24 साल के एक व्यक्ति से मिला लिवर चूंकि बड़ा था, इसलिए हमने उसके टुकड़े कर के दो मरीजों में प्रत्यारोपित किया। एक टुकड़ा इस लड़की को प्रत्यारोपित किया गया, जिसकी जान आफत में थी। इसलिए एक लिवर से दो मरीजों की जान बचाई गई।
इसी तरह दूसरा साझा प्रत्यारोपण पैनक्रियाज और किडनी का था। यह एक पुरुष मरीज का किया गया। सभी मरीज शल्य क्रिया के बाद स्वस्थ हैं। अंग प्रत्यारोपण में 18 से 24 घंटे का वक्त लगा। बता दें, किम्स हेल्थ अस्पताल मूल रूप से ट्रांसप्लांट हास्पिटल है। यहां 17 साल से ज्यादा वर्षों से किडनी प्रत्यारोपण चल रहा है। हालांकि, लिवर के प्रत्यारोपण का यहां यह पहला मामला था।