नर्सों की न्यूनतम मजदूरी तय करने के लिए केरल हाईकोर्ट ने सरकार के एक फैसले को जारी करने पर रोक लगा दी है। राज्य सरकार ने 1 मार्च 2018 तक इसे जारी करने का आदेश दिया था। निजी अस्पताल प्रबंधन द्वारा एक याचिका दायर की गई थी जिसमें अनुसूची के अनुसार इसे जारी नहीं करने का अनुरोध किया गया था।
अस्पताल प्रबंधन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी। साथ ही नर्स संघ के हड़ताल करने पर भी रोक लगाई। लेकिन जैसे ही अदालत का हड़ताल के खिलाफ आदेश आया नर्स संघ ने यह विरोध और तेज कर दिया। इसके बाद नर्सों ने अस्पताल में बड़े पैमाने पर काम करना बंद कर दिया और हड़ताल तेज कर दी।
बाद में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने हस्तक्षेप किया और उन्हें आश्वासन दिया कि इस पर अंतिम अधिसूचना 31 मार्च को जारी की जाएगी। बता दें कि सरकार ने नवंबर 2017 में नर्सों की न्यूनतम सेलरी 20,000 रुपए निर्धारित की थी।