केरल उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को निर्देश दिया कि दिया कि आर्थोडॉक्स धड़े के पादरी पास के पीरवोम चर्च में प्रार्थना का संचालन कर सकते हैं। एक दिन पहले ही एर्नाकुलम जिला प्रशासन ने चर्च का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया था।
न्यायमूर्ति एएम शफीक और न्यायमूर्ति एन अनिल कुमार की पीठ ने यह भी आदेश दिया कि चर्च में बाधा पैदा करने वालों को गिरफ्तार किया जा सकता है और अगले आदेश तक उन्हें सिविल जेल में रखा जा सकता है।
अदालत आर्थोडॉक्स धड़े के पादरी और अन्य लोगों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी जिसमें अनुरोध किया गया है कि उच्चतम न्यायालय के फैसले को लागू करने के लिए पुलिस सुरक्षा मुहैया करायी जाए। न्यायालय के फैसले में चर्च का कब्जा आर्थोडॉक्स धड़े को दिया गया है।
अदालत ने सुनवाई करते हुए कहा कि सभी अनुयायी रविवार को प्रार्थना में शामिल हो सकते हैं। अदालत ने निर्देश दिया कि चर्च की चाबी एर्नाकुलम जिला कलेक्टर के पास रखी जाएगी। अदालत ने एक दिन पहले ही कलेक्टर को चर्च का नियंत्रण लेने का निर्देश दिया था।
इससे पहले चर्च दो धड़ों के बीच विवाद में फंसा हुआ था और इस पर नियंत्रण का लेकर दो धड़ों में टकराव की स्थिति बनी हुई थी।