लक्षद्वीप के सांसद मोहम्मद फैजल (फाइल फोटो)
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लक्षद्वीप से लोकसभा सांसद मोहम्मद फैजल को एक बार फिर अयोग्य ठहराया जा सकता है। केरल उच्च न्यायालय ने हत्या के प्रयास के एक मामले में उनकी सजा को निलंबित करने वाली याचिका को ही खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि चुनाव प्रक्रिया का अपराधीकरण देश की लोकतांत्रिक राजनीति के लिए गंभीर चिंता का विषय।
न्यायमूर्ति एन नागरेश ने अपने आदेश में कहा, विधायी निकायों की बैठकों के दौरान भी आपराधिक कृत्य होने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान चुनाव प्रक्रिया में बढ़ते अपराध पर टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा अगर क्रिमिनल बैकग्राउंड के लोगों को चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेने की अनुमति दी जाए तो भारतीय लोकतंत्र पर इसका प्रभाव पड़ेगा। लोगों में गलत संदेश जाएगा।
क्या था मामला?
लक्षद्वीप की एक सत्र अदालत ने 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान दिवंगत केंद्रीय मंत्री पीएम सईद के दामाद मोहम्मद सलीह की हत्या के प्रयास के लिए फैजल और तीन अन्य को 11 जनवरी को सजा सुनाई थी। फैजल ने इसके खिलाफ केरल हाईकोर्ट का रुख किया था और हाईकोर्ट ने 25 जनवरी को उसकी दोषसिद्धि और सजा को निलंबित कर दिया था। हाई कोर्ट के इस फैसले को लक्षद्वीप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के फैसले को गलत मानते हुए उसे रद्द कर दिया था। साथ ही मामले को फिर हाईकोर्ट के पास भेज दिया था।