केरल में निपाह वायरस का बढ़ता संक्रमण स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बना हुआ है। अब तक यहां छह लोगों में संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है, एक हजार से अधिक निकट संपर्क में आए लोगों की स्थिति पर गंभीरता से नजर रखी जा रही है। कोझिकोड जिले से शुरू हुआ संक्रमण अब 30 से अधिक शहरों में बढ़ गया है। इस बीच, राज्य के लिए राहत भरी खबर आई है। रविवार को सरकार ने बताया कि फिलहाल राज्य में स्थिति नियंत्रण में है। राज्य में लगातार दूसरे दिन कोई भी नया रोगी नहीं मिला है।
राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि यह राज्य के लिए एक बड़ी राहत है कि वायरस का कोई नया सकारात्मक मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। वे उत्तरी केरल जिले में निपाह की स्थिति की समीक्षा के बाद पत्रकारों से वार्ता कर रही थीं। उन्होंने बताया कि नौ वर्षीय लड़के समेत चार संक्रमित व्यक्तियों की हालत में सुधार हो रहा है। बच्चे को फिलहाल वेंटिलेटर से भी हटा दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि चमगादड़ों में वायरस की मौजूदगी का पता लगाने के लिए 36 चमगादड़ों के नमूने लिए गए हैं और पुणे में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) को भेजे गए हैं।
जॉर्ज ने बताया कि चूंकि सभी संक्रमित व्यक्ति एक ही व्यक्ति के कारण वायरस की चपेट में आए थे, ऐसे में यह साफ था कि वायरस की ये दूसरी लहर नहीं थी। इसे जीनोम सिक्वेसिंग से भी साबित किया जा सकता है जो किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक 1,233 संपर्कों का पता लगाया गया है। उनमें से 352 उच्च जोखिम वाली श्रेणी में हैं।
24 सितंबर तक प्रतिबंध
केरल का कोझिकोड जिला, इस संक्रमण के सबसे अधिक जोखिम वाला माना जा रहा है। खतरे को ध्यान में रखते हुए यहां के सभी शैक्षणिक संस्थानों को 24 सितंबर तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने संक्रमण की अधिकता वाले क्षेत्रों में लोगों को न जाने की सलाह दी है। फलों-सब्जियों को खाने से पहले उसे अच्छी तरह से साफ करें। पक्षियों द्वारा कटा हुआ फल न खाएं। इसके अलावा कुछ समय से बुखार और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण बने हुए हैं तो इस बारे में किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें। संक्रमण से बचाव करते रहना सभी के लिए जरूरी है।
इस बीच, कोझिकोड जिला कलेक्टर ए गीता ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा था कि राज्य सरकार ने अपनी ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन प्रणाली के तहत निपाह के संबंध में एक विशेष बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) सेवा शुरू की है।
बता दें कि राज्य में निपाह संक्रमण के कुल मामलों की संख्या छह है, जिनमें से दो लोगों की मौत हो चुकी है और चार लोगों का इलाज किया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और आईसीएमआर के अध्ययन में पाया गया है कि सिर्फ कोझिकोड ही नहीं बल्कि पूरा राज्य इस तरह के संक्रमण से ग्रस्त है।
राज्य में बिगड़ते हालात को देखते हुए पड़ोसी राज्यों में को भी अलर्ट कर दिया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी से अपील की है कि प्रभावित क्षेत्रों में फिलहाल अनावश्यक यात्रा करने से बचें और इस वायरल संक्रमण से बचाव के लिए प्रयास करते रहें।