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केरल सरकार को बड़ा झटका: के-रेल सिल्वर लाइन प्रोजेक्ट पर फिलहाल रोक, सभी अधिकारियों की पुनर्नियुक्ति के आदेश

Mon, 28 Nov 2022 04:27 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

इस प्रोजेक्ट के तहत केरल के कोसरगोद को राजधानी तिरुवनंतपुरम से जोड़ा जाना है। प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की मंजूरी दी जा चुकी है। इस परियोजना का मकसद राज्य के उत्तरी और दक्षिणी छोर के बीच यात्रा के समय को कम करना है।
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पिनराई विजयन (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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विस्तार
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के रेल सिल्वर लाईन प्रोजेक्ट को लेकर केरल की पिनराई विजयन सरकार की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इस मुद्दे पर आज यानी सोमवार को केरल सरकार को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, केंद्र सरकार ने एक आधिकारिक आदेश जारी करके के-रेल परियोजना में लगे सभी अधिकारियों को अन्य विभागों की परियोजनाओं में पुनर्नियुक्त करने के लिए कहा है। 

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केरल सरकार ने इसके बारे में जानकारी दी है। सरकार ने बताया कि के-रेल सिल्वर लाइन परियोजना को अभी के लिए रोक दिया गया है और के-रेल परियोजना में लगे सभी अधिकारियों को अन्य विभागों में पुनर्नियुक्त किया गया है। रेलवे विभाग से अनुमति मिलने के बाद परियोजना के लिए सामाजिक प्रभाव का मूल्यांकन और अध्ययन करने के लिए नई अधिसूचना जारी की जाएगी। 

गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट के तहत केरल के कोसरगोद को राजधानी तिरुवनंतपुरम से जोड़ा जाना है। प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की मंजूरी दी जा चुकी है। इस परियोजना का मकसद राज्य के उत्तरी और दक्षिणी छोर के बीच यात्रा के समय को कम करना है। 63,941 करोड़ रुपये की अनुमानित परियोजना को सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार का सबसे बड़ा बुनियादी ढांचागत उपक्रम माना जा रहा है। परियोजना के कारण नौ हजार भवन गिराए जाएंगे और करीब 10 हजार परिवार विस्थापित होंगे। 
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529 किमी लंबी रेलवे लाइन का प्रस्ताव
इसके तहत 529.45 किलोमीटर लंबी लाइन के निर्माण का प्रस्ताव है। इससे केरल के 11 जिले शामिल होंगे। प्रोजेक्ट पूरा होने पर कासरगोद से तिरुवनंतपुरम तक 200 किमी/ घंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों में चार घंटे से भी कम समय में यात्रा की जा सकती है। अभी ट्रेनों से यह दूरी तय करने में करीब 12 घंटे लगते हैं। केरल रेल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (KRDCL) के इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 2025 तक का समय निर्धारित किया गया है। KRDCL या K-Rail, केरल सरकार और केंद्रीय रेल मंत्रालय के बीच एक संयुक्त उद्यम है।

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