केरल के देवस्वोम मंत्री कडाकमपल्ली सुरेंद्रन ने श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई। सुरेंद्रन ने कहा, फिलहाल हमें विस्तृत आदेश की कॉपी नहीं मिली है। हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर गौर करेंगे और इसे लागू करेंगे। सरकार आदेश का सम्मान करती है। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कई लोग मंदिर के पास मिठाई बांटकर खुशी मनाई।
वहीं, त्रावणकोर के शाही परिवार ने भी फैसले पर खुशी जताई। शाही परिवार की ओर से कहा गया, आज के फैसले को हम पद्मनाभस्वामी का परिवार ही नहीं बल्कि सारे श्रद्धालुओं को मिले आशीर्वाद के तौर पर देखते हैं। हम प्रार्थना करते हैं कि भगवान सबको सुरक्षित रखे और सब पर उनकी कृपा बनी रहे। मुश्किल समय में परिवार का साथ देने के लिए शुक्रिया। भगवान सबका भला करे।
कब कब क्या हुआ
- 31 जनवरी, 2011: हाईकोर्ट ने केरल सरकार को मंदिर का नियंत्रण लेने का आदेश दिया। शाही परिवार के कार्यकारी अधिकारी के तहखाने खोलने पर रोक लगाई।
- 2 मई: अंतिम शासक के भाई मार्तंड वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के निर्देश पर अंतरिम रोक लगाई।
- 8 जुलाई: सुप्रीम कोर्ट ने तहखाने ‘ए’ और ‘बी’ को अगले आदेश तक खोलने पर रोक लगाई।
- 21 जुलाई: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा और विशेषज्ञ समिति का गठन किया।
- 22 सितंबर: शीर्ष अदालत ने विशेषज्ञ समिति की अंतरिम रिपोर्ट का अध्ययन किया और निर्देश जारी किए।
- 23 अगस्त, 2012: कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रमणियम को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया।
- 6 दिसंबर, 2013: मार्तंड वर्मा का निधन हुआ। उनके उत्तराधिकारियों में मामले को आगे बढ़ाया।
- 15 अप्रैल, 2014: एमिकस क्यूरी ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी।
- नवंबर, 2014: शाही परिवार ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए और सुप्रीम कोर्ट में आपत्तियां दायर की।
- 4 जुलाई, 2017: कोर्ट ने श्रीकोविल व अन्य कामों के लिए जस्टिस केएसपी राधाकृष्णन को चयन समिति का चेयरमैन बनाया।
- जुलाई 2017: कोर्ट ने कहा कि वह मंदिर के तहखाने में खजाना होने के दावे का परीक्षण करेगा।
- जनवरी-अप्रैल 2019 : केस को जस्टिस यू यू ललित और जस्टिस इंदु मल्होत्रा की पीठ के समक्ष अंतिम सुनवाई के लिए भेजा गया।
- 10 अप्रैल: कोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित रखा।