फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केरल विधानसभा सत्र शुरू: सरकार का एलान- जनता के सामने आएगी असली वित्तीय स्थिति, राज्यपाल ने पढ़ा नीति अभिभाषण

Fri, 29 May 2026 10:26 AM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, तिरुवनंतपुरम

सार

केरल विधानसभा के नए सत्र में राज्यपाल ने नीति अभिभाषण पढ़ते हुए बताया कि सरकार राज्य की वास्तविक वित्तीय स्थिति पर व्हाइट पेपर जारी करेगी। इसमें कर्ज, देनदारियों और वित्तीय पारदर्शिता पर जोर दिया गया है।

विज्ञापन
राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, केरल राज्यपाल। - फोटो : ANI/PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केरल विधानसभा के 16वें सत्र की शुरुआत शुक्रवार को हुई, जहां राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने सरकार का नीति अभिभाषण पढ़ा। इस दौरान सरकार ने राज्य की वास्तविक वित्तीय स्थिति को सार्वजनिक करने का बड़ा फैसला लिया है। अभिभाषण में कहा गया कि सरकार जल्द ही एक व्हाइट पेपर जारी करेगी, जिसमें राज्य की आर्थिक स्थिति, कर्ज, देनदारियां और वित्तीय दायित्वों की पूरी जानकारी जनता के सामने रखी जाएगी। इस कदम का उद्देश्य वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाना और लोगों के बीच सरकार पर भरोसा मजबूत करना बताया गया है।

विज्ञापन


गरीबों और कमजोर वर्गों पर नहीं होगी कटौती
राज्यपाल ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि गरीबों और कमजोर वर्गों के लिए चल रही कल्याणकारी योजनाओं में किसी तरह की कटौती नहीं की जाएगी। सरकार का फोकस सामाजिक सुरक्षा और विकास योजनाओं को लगातार जारी रखने पर रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि हर योजना का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे और किसी भी वर्ग को उपेक्षित न किया जाए।

‘स्वच्छ शासन’ और जवाबदेही पर जोर
नीति अभिभाषण में स्वच्छ शासन, वित्तीय अनुशासन और प्रशासनिक दक्षता पर विशेष जोर दिया गया। राज्यपाल ने कहा कि भ्रष्टाचार, अनावश्यक खर्च और प्रशासनिक देरी विकास की गति को धीमा करते हैं और जनता का भरोसा कमजोर करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर विभाग में जवाबदेही तय करेगी और पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाएगी ताकि जनता का भरोसा मजबूत हो सके।
विज्ञापन


सरकार ने यह भी संकेत दिया कि प्रशासन में तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा ताकि सेवाओं की डिलीवरी तेज और पारदर्शी हो सके। डिजिटल सिस्टम को मजबूत कर देरी और भ्रष्टाचार को कम करने की दिशा में काम किया जाएगा।

केरल की सामाजिक पहचान पर गर्व
राज्यपाल ने अपने संबोधन में केरल की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केरल हमेशा से सामाजिक समरसता, धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक रहा है, जिसे सरकार पूरी मजबूती से संरक्षित रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि केरल की सामाजिक प्रगति सुधार आंदोलनों और सामूहिक प्रयासों का परिणाम रही है, जिसे आगे भी जारी रखा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें