जानकारी के मुताबिक, राज्य कैबिनेट विश्ववद्यालयों के चांसलर पद से राज्यपाल को हटाने के बाद उनकी जगह किसी विशेषज्ञ को नियुक्त करने पर विचार कर रही है। सरकार जल्द ही राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के खिलाफ अध्यादेश लाने की तैयारी में है।
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और पिनराई विजयन सरकार के बीच चल रही जंग और भी तीखी होती जा रही है। अब राज्यपाल को विश्वविद्यालयों के चांसलर पद से हटाने के लिए केरल सरकार अध्यादेश लाने की तैयारी में है। हालांकि, इस अध्यादेश से पहले राज्य सरकार विशेषज्ञों से सलाह लेगी।
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जानकारी के मुताबिक, राज्य कैबिनेट विश्ववद्यालयों के चांसलर पद से राज्यपाल को हटाने के बाद उनकी जगह किसी विशेषज्ञ को नियुक्त करने पर विचार कर रही है। बता दें, इससे पहले ऐसा ही मामला पश्चिम बंगाल में सामने आया था, जब तत्कालीन राज्यपाल जगदीप धनखड़ के खिलाफ ममता सरकार ऐसा ही अध्यादेश लाने वाली थी।
राज्यपाल ने किया पलटवार
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने भी मामले में बयान दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में कुलपति योग्यता के आधार पर नहीं, बल्कि पार्टी (CPIM) की सिफारिश पर नियुक्त होते हैं, इसलिए LDF उन्हें नियंत्रित करती है। वे हर समय विश्वविद्यालयों के मामले में दखल दे रहे थे, जिससे मैं नाराज था। हस्तक्षेप विश्वविद्यालयों के विकास से संबंधित नहीं था। यह ज्यादातर विभिन्न पदों पर बैठे माकपा नेताओं के रिश्तेदारों के बारे में था। उनकी सारी दिलचस्पी नियुक्तियों में थी।
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कुलपतियों का इस्तीफा मांगने के बाद बढ़ा विवाद
पिनराई विजयन सरकार का यह कदम राज्यपाल द्वारा नौ विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से इस्तीफा मांगने के बाद सामने आया है। राजभवन की ओर से जारी चिट्ठी के तहत नौ विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पद से इस्तीफा देने को कहा गया था। वहीं राज्यपाल ने तिरुवनंतपुरम की एपीजे अब्दुल कलाम टेक्नोलॉजिकल विश्वविद्यालय की कुलपति के रूप में सीजा थॉमस को नियुक्त कर दिया था।
सरकार ने किया हाईकोर्ट का रुख
राज्यपाल द्वारा की गई नियुक्त को विजयन सरकार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि, कोर्ट ने इस नियुक्ति पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। वहीं राज्यपाल के आदेश के बाद विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने भी कोर्ट का रुख किया है।