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केरल सरकार ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लिया यू टर्न

Mon, 07 Nov 2016 11:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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केरल की लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट(एलडीएफ) सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश देने के पक्ष में हैं। मालूम हो कि इससे पहले केरल सरकार ने अतिरिक्त हलफनामा दाखिल कर कहा था कि वह सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी का समर्थन करती है।
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राज्य सरकार ने एक बार फिर अपना पक्ष बदलते हुए कहा कि वह वर्ष 2007 में दाखिल अपने मूल हलफनामे के पक्ष में है। वर्ष 2007 में एलडीएफ सरकार ने हलफनामा दाखिल कर कहा था कि वह मंदिर में हर उम्र की महिलाओं के प्रवेश देने के पक्ष में है। मालूम हो कि वर्ष 2016 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले केरल की यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा था कि वह 10 से 50 आयु वर्ग की महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर पाबंदी के पक्ष में है।

सोमवार को न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने राज्य सरकार को अपना पक्ष साफ करने के लिए कहा। जिस पर राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील जयदीप गुप्ता ने कहा कि वह वर्ष 2007 में दाखिल उस हलफनामे पर अडिग है जिसमें कहा गया था कि वह मंदिर में हर आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश के पक्ष में है।
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वहीं त्रावणकोर देवासम बोर्ड की ओर से पेश वरिष्ठ वकील केके वेणुगोपाल ने कहा कि राज्य सरकार अपनी सुविधा के हिसाब से अपना पक्ष नहीं बदल सकती। पीठ ने केरल सरकार और बोर्ड की दलीलों को रिकार्ड पर लेते हुए सुनवाई 13 फरवरी तक के लिए टाल दी।

अदालत यंग लॉयर्स एसोसिएशन द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिका में कहा गया कि सबरीमाला मंदिर में उन लड़कियों के प्रवेश पर पाबंदी है जिनका मासिक धर्म शुरू हो चुका है। हालांकि, रजोनिवृत हो चुकी महिलाओें को भी प्रवेश की अनुमति है।
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