PM SHRI Schools scheme: केरल सरकार ने पीएम श्री स्कूल योजना में शामिल होने के लिए केंद्र के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। अनिश्चितता के एक लंबे दौर के बाद केरल सरकार ने आखिरकार यह फैसला किया।
लंबे विवाद और असमंजस के बाद केरल सरकार ने आखिरकार केंद्र की पीएम श्री (प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) योजना से जुड़ने का फैसला कर लिया है। गुरुवार (23 अक्तूबर) को राज्य सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
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भाकपा की आपत्तियों को किया दरकिनार
लंबे समय तक अनिश्चितता के दौर के बाद वाम लोकतांत्रिक मोर्चे के नेतृत्व वाली केरल सरकार ने प्रमुख गठबंधन सहयोगी भाकपा (भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी) की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए केंद्र सरकार की पीएम श्री योजना से जुड़ने का फैसला किया है। इस योजना का उद्देश्य केंद्रीय सहायता से प्रत्येक ब्लॉक के दो स्कूलों में बुनियादी ढांचे का विकास करना है। प्रत्येक चयनित स्कूल को पांच वर्षों के लिए औसतन 1 करोड़ रुपये की वार्षिक सहायता मिलेगी।
केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने पुष्टि की है कि योजना में शामिल होने के निर्णय से केंद्र को अवगत करा दिया गया है और विभाग के सचिव को समझौते पर हस्ताक्षर करने का निर्देश दिया गया है। मंत्री ने कहा, "केरल में विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों के लिए लंबित 1,500 करोड़ रुपये की केंद्र की हिस्सेदारी हासिल करने का यही एकमात्र तरीका था।"
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दो बार अपने फैसले से हटी सरकार
हालांकि सीपीआईएम और सामान्य शिक्षा विभाग ने बहुत पहले ही पीएम श्री योजना में शामिल होने पर सहमति जताई थी, लेकिन सीपीआई की कड़ी आपत्तियों के बाद केरल सरकार को दो बार अपने फैसले से पीछे हटना पड़ा। हाल ही में, इस मामले को राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष रखे बिना ही आगे बढ़ने का निर्णय लिया गया।
गौरतलब है कि शुरुआत में केरल सरकार ने इस योजना में शामिल होने का विरोध किया था और तर्क देते हुए कहा था कि इससे केरल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।इसके अलावा स्कूलों में पीएम श्री स्कूल के नाम वाले बोर्ड लगाने की अनिवार्यता पर भी आपत्ति जताई गई थी।