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V. Sivankutty: केरल सरकार केंद्र के नए लेबर कोड का करेगी विरोध, मंत्री ने नीतियों को बताया मजदूर विरोधी

Tue, 27 Jan 2026 01:50 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

केंद्रीय श्रम कानूनों को लेकर राज्यों और केंद्र के बीच टकराव गहराता जा रहा है। केरल सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह श्रमिक अधिकारों से समझौता नहीं करेगी और मजदूरों के हितों के खिलाफ किसी भी नीति का खुलकर विरोध करेगी।

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वी. शिवनकुट्टी - फोटो : Facebook
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विस्तार
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केरल के श्रम मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने मंगलवार को केंद्र सरकार की नीतियों को मजदूर विरोधी बताया। विधानसभा में उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार नए लेबर कोड को रद्द कराने के लिए केंद्र सरकार पर हर संभव दबाव बनाएगी।
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सवाल के जवाब में क्या बोले मंत्री?
यह मामला सीपीआई(एम) विधायक पी. नंदकुमार ने सदन में उठाया था। उन्होंने कहा कि नए नियम नौकरी की सुरक्षा को खत्म करते हैं और वेतन की शर्तों का उल्लंघन करते हैं। मंत्री शिवनकुट्टी ने विधायक के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि केरल सरकार मजदूरों के खिलाफ किसी भी कदम को स्वीकार नहीं करेगी।

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केंद्र की नीतियों को बताया मजदूर विरोधी
पिछले महीने, मंत्री ने कहा था कि राज्य सरकार केंद्रीय श्रम कोड का अध्ययन करने, श्रमिकों पर उनके प्रभाव का आकलन करने और सुधारात्मक उपायों का सुझाव देने के लिए एक समिति का गठन करेगी। शिवनकुट्टी ने कहा था कि 29 प्रमुख श्रम कानूनों को मिलाकर बनाए गए चार श्रम कोड श्रमिकों के बजाय कॉर्पोरेट हितों की रक्षा करते हैं और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के सम्मेलनों के विपरीत हैं। उन्होंने दावा किया था कि जहां अधिकांश राज्यों ने श्रम कोड के अनुरूप अपने कानूनों में संशोधन किया है, वहीं केरल ने यह दृढ़ रुख अपनाया है कि वह कोई भी मजदूर विरोधी संशोधन पेश नहीं करेगा।

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