प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने केरल सोना तस्करी मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश के उस आरोप को खारिज कर दिया कि उन पर दबाव बनाया जा रहा है। सुरेश ने एक ऑडियो क्लिप में दावा किया था कि ईडी उन पर दबाव डाल रही है। ईडी सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कई लोगों की संलिप्तता है और इसकी गहराई से जांच की जा रही है।
ईडी ने केरल जेल विभाग को पत्र लिखकर इस बात की जांच करने को कहा है कि जेल में बंद आरोपियों की ऑडियो क्लिप कैसे रिकॉर्ड की गई और उसे कैसे प्रसारित किया गया। सूत्रों के मुताबिक यदि क्लिप सही है, तो यह कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है।
इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय प्रभाव वाले हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामले की जांच पटरी से उतारना है। ऐसा बताया जा रहा है कि एक ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर जारी ऑडियो क्लिप कथित तौर पर सुरेश की ही है, जो न्यायिक हिरासत में है। इसमें आरोप लगाया गया है कि ईडी उस पर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ बयान देने का दबाव बना रही है।
आईएएस अधिकारी शिवशंकर ने हाईकोर्ट से मांगी जमानत
केरल सोना तस्करी से जुड़े ईडी के मनी लॉन्ड्रिंग मामले जमानत के लिए आईएएस अधिकारी एम शिवशंकर ने शुक्रवार को केरल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। ईडी ने शिवशंकर को 28 अक्तूबर को गिरफ्तार किया था और अभी वह न्यायिक हिरासत में हैं। विशेष अदालत के जमानत देने से इनकार करने के दो दिन बाद शिवशंकर ने हाईकोर्ट में राहत की मांग की है।
विशेष अदालत ने अपने आदेश में लिखा था कि जांच अहम मोड़ पर है और ईडी को साक्ष्य जुटाने के लिए कुछ और समय की जरूरत होगी। ऐसे में शिवशंकर को इस समय जमानत देना ठीक नहीं है। हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में शिवशंकर ने दलील दी है कि उसे इस मामले में फंसाया जा रहा है और उन पर झूठे आरोप लगाये गए हैं। ताकि वह स्वीकार कर ले कि मुख्य आरोपी स्वपना सुरेश के खातों में जमा पैसा उनका है।