केरल में चल रहे सोना तस्करी मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के वाणिज्य दूतावास के सुरक्षाकर्मी के परिवार ने कहा है कि वह पिछले दो दिनों से लापता है।
सुरक्षाकर्मी जया घोष के रिश्तेदार ने कहा कि उन्होंने दो दिन पहले उन्हें फोन किया था और उन्हें उसी समय के आसपास कुछ धमकियां मिलीं क्योंकि तस्करों को शक था कि वह वही है जिसने छिपे हुए सोने के बारे में कस्टम विभाग को जानकारी दी थी। उन्हें डर है कि उनकी जान को खतरा है।
इससे पहले, ऐसी खबरें थीं कि एक मल्टी-एजेंसी टीम ने उन्हें हिरासत में लिया था, लेकिन एजेंसियों ने इससे इनकार कर दिया था। उधर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मामले को संभाल लिया है और कई अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी मामले की जांच कर रही हैं। वहीं घोष के बहनोई ने बताया कि उन्होंने लापता होने से पहले अपनी सर्विस पिस्टल जांच एजेंसी को दे दी थी।
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि जिस दिन 30 किलोग्राम सोने का एक खेप जब्त किया था उस दिन मामले की दूसरी आरोपी स्वप्ना सुरेश ने उसे दिन में कई बार फ़ोन किया था। उधर यूएई के उच्च कूटनीतिज्ञ रश्म खामिस अली मुसाकरी अल्शमेली तीन दिन पहले देश से बाहर भाग गया था, रिपोर्ट्स के मुताबिक उसे उसके देश वापस बुला लिया गया था। इससे पहले, भारतीय विदेश मंत्रालय ने दूतावास के इस व्यक्ति के साथ बैठक करने के लिए यूएई से अनुमति भी मांगी थी।
क्या है केरल में सोने की तस्करी का मामला:
केरल की राजधानी
तिरुवनंतपुरम में यूएई के पता वाले डिप्लोमैटिक कार्गो से 30 किलो सोना चुराने का यह पूरा मामला है। दावा किया गया था कि कार्गो के संबंध में स्वप्ना सुरेश ने एयरपोर्ट के अधिकारी से संपर्क साधा था। यूएई वाणिज्य दूतावास जनरल ऑफिस के उच्च कूटनीतिज्ञ राशिद खामिस अल शामली के कहने पर कथित तौर पर संपर्क किया गया था। तस्करी किए गए सोने की कीमत 15 करोड़ रुपये बताई गई है। ये सोना उस कार्गो में छिपाया गया था जिसमें बिस्किट, नूडल्स, बाथरूम का सामान रखा जाता था, लेकिन कस्टम को तस्करी को लेकर पहले से सूचना मिल चुकी थी।
केरल सोना तस्करी मामले में एनआईए कोर्ट ने आरोपी स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर को नौ दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने स्वप्ना सुरेश, फाजिल फरीद और संदीप नायर को इस मामले में आरोपी बनाया है। तीनों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम 1967 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।