केरल गोल्ड स्मगलिंग केस: स्वप्ना सुरेश (फाइल फोटो)
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केरल सोना तस्करी मामले की आरोपी स्वप्ना सुरेश को मंगलवार को त्रिशूर के सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के आईसीयू में स्थानांतरित कर दिया गया। उसे सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वप्ना को त्रिशूर जिले के वियूर के केंद्रीय कारागार में रखा गया था। उसने सोमवार को सीने में दर्द की शिकायत की। जिसके बाद उसे जीएमसी में स्थानांतरित कर दिया गया।
हालांकि जीएमसी अधिकारियों को स्वप्ना की ईसीजी रिपोर्ट में थोड़ा बदलाव दिखा। हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी स्थिति संतोषजनक है। इससे पहले गुरुवार को केरल पुलिस ने आयकर विभाग के तहत स्वप्ना के खिलाफ केरल स्टेट इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में नौकरी हासिल करने के लिए फर्जी डिग्री प्रमाण पत्र देने के लिए जालसाजी के मामले में गिरफ्तारी की।
कोच्चि में प्रीवेंशन ऑफ मनी लांड्रिग एक्ट (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत ने पिछले हफ्ते केरल सोना तस्करी मामले में तीन प्रमुख अभियुक्तों- स्वप्ना सुरेश, सरिथ पीएस, और संदीप नायर की न्यायिक हिरासत को नौ सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया था। राजनयिक चैनल के माध्यम से राज्य में सोने की तस्करी से संबंधित मामले का उजागर पांच जुलाई को हुआ था।
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क्या है केरल में सोने की तस्करी का मामला
यह पूरा मामला केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) के पते वाले डिप्लोमैटिक कार्गो से 30 किलो सोना मिलने का है। दावा किया गया था कि कार्गो के संबंध में स्वप्ना सुरेश ने एयरपोर्ट के अधिकारी से संपर्क साधा था। यूएई वाणिज्य दूतावास जनरल ऑफिस के उच्च कूटनीतिज्ञ राशिद खामिस अल शामली के कहने पर कथित तौर पर संपर्क किया गया था। तस्करी किए गए सोने की कीमत 15 करोड़ रुपये बताई गई है।
यह सोना उस कार्गो में छिपाया गया था जिसमें बिस्किट, नूडल्स और बाथरूम आदि का सामान रखा जाता था, लेकिन कस्टम को तस्करी को लेकर पहले से सूचना मिल चुकी थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने स्वप्ना सुरेश, फाजिल फरीद और संदीप नायर को इस मामले में आरोपी बनाया है। तीनों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम 1967 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।