केरल में बाढ़ का प्रभाव जारी है। शुक्रवार को भी इसकी हालत में कोई सुधार नहीं आया। अधिकारियों का कहना है कि एक दिन में 106 लोगों की मौत हो गई है। 8 अगस्त से अब तक बाढ़ और भूस्खलन की वजह से मरने वालों की संख्या 173 हो चुकी है। लगभग 50,000 से ज्यादा परिवारों के 2.23 लाख लोग इस समय बेघर हो चुके हैं और वह राज्य में बने हुए 1,568 राहत केंद्रों में रहने को मजबूर हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोग सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगा रहे हैं। यहां 94 साल बाद ऐसी भीषण बाढ़ देखने को मिली है। इससे पहले 1924 में भी इसी तरह की प्रचण्ड बाढ़ देखने को मिली थी। पूरे राज्य में रहने वाले 3.3 करोड़ निवासी सोशल मीडिया पर तत्काल मदद मांग रहे हैं। उनका कहना है कि वह बचाव दल को संपर्क नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि पावर और कम्युनिकेशन लाइनें ठप्प पड़ी हैं।
मल्टी स्टोरी इमारतों में फंसे लोग, छात्रावासों में फंसे छात्र और चर्च में फंसे अनुयायी सोशल मीडिया के जरिए मदद मांग रहे हैं। वह गूगल मैप के जरिए अपनी लोकेशन की जानकारी पास करने को कह रहे हैं। हाथ जोड़कर मदद की गुहार लगाते लोगों के वीडियो को
वाट्सएप ग्रुप में हजारों लोग पोस्ट और शेयर कर रहे हैं। एक फेसबुक पोस्ट जो वायरल हो गया उसमें अलपुझा के निवासी अजो वर्गीस कहते हैं, 'मेरा परिवार और पड़ोसी परिवार मुसीबत में हैं। यहां ना खाना है और ना पानी। दोपहर से संपर्क नहीं कर पा रहा हूं। मोबाइल फोन पहुंच से बाहर हैं। कृपया हमारी मदद करें।'
दूसरे व्यथित करने वाले संदेश जिन्हें सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है उसमें लोग मंदिरों, अस्पतालों और घरों में फंसे हुए दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री
पिनरई विजयन के दफ्तर में बाढ़ प्रभावित लोगों द्वारा मदद के लिए फोन आ रहे हैं। वह लोगों से अपनी असल लोकेशन का विवरण प्रदान करने के लिए कह रहे हैं ताकि उन्हें जल्द बचाया जा सके।
विजयन ने ट्वीट कर कहा, 'मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में बचाव की गुहार लगाते हुए बहुत सारे फोन आ रहे हैं। सुनिश्चित करें कि आप सही स्थान, किसी भी महत्वपूर्ण स्थल का चिह्न, जिला, फंसे हुए लोगों की संख्या और सभी नए अनुरोधों में पीड़ितों की संपर्क संख्या के साथ तिथि और समय जोड़ते जाएं।' पिछले हफ्ते टीवी पर एक एनआरआई महिला को अपने रिश्तेदारों को बचाने की अपील करते हुए सुना गया था। उनके रिश्तेदार पथानमिट्टा के घर में फंसे हुए थे। यह जिला बाढ़ से बहुत ज्यादा प्रभावित है।
रानी से एक शख्स ने वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, 'हम घर की दूसरी मंजिल पर हैं। पहली मंजिल पूरी तरह से पानी में डूब गई है। मोबाइल फोन में बैटरी नहीं है। कृपया हमें बचा लें। हमारे साथ छोटे बच्चे और वरिष्ठ नागरिक हैं। पानी अब दूसरी मंजिल की तरफ बढ़ रहा है।' पिछले हफ्ते पथानमिट्टा के चर्च में फंसे छात्र और अनुयायियों ने सोशल मीडिया पर मदद मांगी थी।