केरल के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का रनवे 9 नवंबर के दिन पांच घंटे तक खास मकसद के लिए व्यस्त रहेगा। हर साल हर साल दो बार उड़ानों का परिचालन रोका जाता है। पांच घंटे की इस अवधि में मंदिर की द्विवार्षिक, सदियों पुरानी औपचारिक शोभायात्रा रनवे से गुजरती है। इस एयरपोर्ट पर दशकों से हर साल ऐसा होता आ रहा है। केरल में अल्पस्सी अरट्टू जुलूस में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए इस साल भी नौ नवंबर के दिन पांच घंटे तक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान सेवाएं निलंबित रखी जाएंगी। बता दें कि एयरपोर्ट का प्रबंधन अदाणी समूह के हवाले है।
सेवाएं 9 नवंबर को शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक निलंबित
इस संबंध में तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारी ने शनिवार को बताया कि पद्मनाभस्वामी मंदिर की 'अल्पस्सी अराट्टू' शोभायात्रा एयरपोर्ट के रनवे से गुजरती है। इस वार्षिक आयोजन का मार्ग रनवे से गुजरता है। इस कारण तिरुवनंतपुरम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड से उड़ान सेवाएं 9 नवंबर को शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक निलंबित रहेंगी। रिशेड्यूल की गई फ्लाइट के बारे में एयरलाइंस को सूचना दी गई है।
शंगुमुगम समुद्र तट तक शोभायात्रा, एयरपोर्ट के रनवे से गुजरता है मार्ग
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का रनवे श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर की शोभायात्रा के मौके पर वर्ष में दो बार बंद रहता है। मूर्तियों के पवित्र स्नान के लिए शंगुमुगम समुद्र तट तक शोभायात्रा होती है। किनारे तक पहुंचने के लिए वर्तमान मार्ग से जुलूस निकालने की प्रथा सदियों पहले शुरू हुई थी।
1932 में हवाई अड्डे की स्थापना, तब से जारी है परंपरा
एयरपोर्ट प्रबंधन (टीआईएएल) की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि अनुष्ठान 1932 में हवाई अड्डे की स्थापना के बाद से अनवरत जारी है। इसका मकसद क्षेत्र की संस्कृति और परंपराएं बरकरार रखना है। यही कारण है कि साल में दो बार निर्धारित अवधि में विमानों को निलंबित रखा जाता है।
राजपरिवार के कुलदेवता भगवान पद्मनाभ के लिए दो दिन शोभायात्रा
इतिहासकारों के मुताबिक जब तिरुवनंतपुरम में हवाई अड्डे का निर्माण किया गया था, तो तत्कालीन त्रावणकोर राजा श्री चिथिरा थिरुनल ने यह स्पष्ट कर दिया था कि यह सुविधा वर्ष में 363 दिन जनता के लिए खुली रहेगी। राजपरिवार के कुलदेवता भगवान पद्मनाभ के लिए दो दिन शोभायात्रा होगी। अब दशकों बाद अदाणी समूह हवाई अड्डे का प्रबंधन कर रहा है। इसके बाद भी शाही युग की रस्म जारी है।
हर साल दो बार NOTAM भी जारी करता है एयरपोर्ट प्रबंधन
इस खास मौके पर हवाईअड्डा प्रबंधन हर साल दो बार NOTAM (वायुसैनिकों को नोटिस) भी जारी करता है। यह अक्तूबर-नवंबर में होने वाले द्विवार्षिक अलपासी उत्सव और मार्च-अप्रैल में होने वाले पेनकुनी उत्सव के दौरान रनवे बंद होने से पहले जारी किया जाता है।
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