केरल पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि पति, पत्नी और उनके चार बच्चों वाला परिवार नौकरी के सिलसिले में पिछले 12 वर्ष से दुबई में रह रहा था। छह महीने पहले सभी परिवार के एक सदस्य के निधन के बाद कासरगोड जिले में अपने घर आए थे। इसके बाद, उनके यमन की यात्रा करने का संदेह है।
देश की सुरक्षा एजेंसियां एक ऐसे परिवार के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही हैं, जो छह महीने पहले केरल में अपना घर छोड़कर चला गया था। सुरक्षा एजेंसियों को परिवार के यमन जाने का संदेह है, जो कट्टर धार्मिक समूहों का केंद्र माना जाता है।
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स्थानीय स्तर पर मामले की जांच कर रहे केरल पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि पति, पत्नी और उनके चार बच्चों वाला परिवार नौकरी के सिलसिले में पिछले 12 वर्ष से दुबई में रह रहा था। छह महीने पहले सभी परिवार के एक सदस्य के निधन के बाद कासरगोड जिले में अपने घर आए थे। इसके बाद, उनके यमन की यात्रा करने का संदेह है।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि यमन जैसे देशों में भारतीय नागरिकों की किसी भी तरह की अवैध आवाजाही की सूचना आधिकारिक तौर पर एजेंसियों की दी जाती है। जिस परिवार के यमन जाने का संदेह है, उसकी मंशा का पता नहीं चल पाया है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति और उसकी पत्नी दोनों बेंगलुरु से एमबीए स्नातक हैं।
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अधिकारी ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता है कि वे आतंकवादी समूह आईएस की विचारधारा से आकर्षित होकर यमन गए हैं। उन्होंने कहा कि परिवार के देश छोड़ने के पीछे धार्मिक कारण भी हो सकते हैं, क्योंकि कट्टर धार्मिक विचारधारा वाले व्यक्तियों के लिए यमन पसंदीदा स्थान है। बता दें, इससे पहले भी केरल पुलिस ने राज्य के कई लोगों के आईएस में शामिल होने का संदेह जताया था।