केरल में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में सभी पार्टियां लगातार अपने उम्मीदवारों का एलान कर रही है। इस बार के चुनाव में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने पहली बार दो महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। इससे पहले आईयूएमएल ने 1996 और 2021 के विधानसभा चुनावों में हर बार एक-एक महिला को सीट दी थी। संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की प्रमुख घटक पार्टी आईयूएमएल ने मंगलवार को 25 उम्मीदवारों की सूची जारी की।
पार्टी नेतृत्व के अनुसार, यूथ लीग की नेता फातिमा तहिलिया को कोझिकोड जिले के पेराम्ब्रा से मैदान में उतारा गया है, जबकि एक गैर-मुस्लिम महिला, जयंती राजन, कन्नूर जिले के कूथुपरम्बा से चुनाव लड़ेंगी।
युवाओं और नए चेहरों को मिली जगह
हालांकि, पार्टी की महिला शाखा, महिला लीग ने उम्मीदवारों के चयन पर असंतोष जताया है। आईयूएमएल के महासचिव पीएमए सलाम ने कहा कि उम्मीदवारों की जो सूची जारी की गई है उसमें नए चेहरों और युवाओं को प्राथमिकता दी गई है। इससे यह साबित होता है कि पार्टी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान गलत हैं। उन्होंने कहा आईयूएमएल एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है जो सभी वर्गों के लोगों को समान महत्व देती है।
सलाम ने पीटीआई को बताया महिला उम्मीदवारों का चयन उनके प्रदर्शन, जीतने की क्षमता, संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में उनकी पहचान और पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के आधार पर किया गया है।
1996 और 2021 के चुनाव में केवल एक-एक महिला को टिकट
आईयूएमएल उत्तरी केरल के मुस्लिम बहुल क्षेत्र में एक प्रभावशाली पार्टी है। 1996 में पहली बार पार्टी ने महिला उम्मीदवार, कमरुनिशा अनवर को उम्मीदवार बनाया था। लेकिन माकपा के वरिष्ठ नेता एलामराम करीम ने उन्हे हरा दिया था।
इसके बाद 25 साल बाद 2021 में कोझिकोड दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से एक और महिला, नूरबीना रशीद को उम्मीदवार बनाया। वे भी एलडीएफ उम्मीदवार अहमद देवरकोविल से हार गई थीं।
फातिमा तहिलिया ने पेरामब्रा से उम्मीदवार
इस बार पार्टी ने दो महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारते हुए पुरानी परंपरा को तोड़ दिया है। फातिमा तहिलिया ने पेरामब्रा में एलडीएफ संयोजक टी.पी. रामकृष्णन के खिलाफ अपना चुनाव प्रचार शुरू किया है। उन्होंने इस सीट को जीतने का विश्वास दिलाया है। अभी ये सीट वामपंथी दल के पास है। उन्होंने स्थानीय निकाय चुनावों और उससे पहले हुए लोकसभा चुनावों में यूडीएफ का शानदार प्रदर्शन होने की बात कही।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में सत्ता-विरोधी लहर जोरो पर है, और पेरामब्रा भी इससे अछूता नहीं है। रामकृष्णन के इसी क्षेत्र से चोथी बार चुनाव लड़ने के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने उल्टा सवाल पूछा कि उन्होंने अब तक इस क्षेत्र में विकास का कौन सा बड़ा काम किया है।
पूर्व पंचायत सदस्य जयंती राजन को मिला टिकट
पार्टी की पूर्व पंचायत सदस्य जयंती राजन ने भी टिकट मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर कई चुनावों में हिस्सा लिया है, लेकिन यह पहली बार है जब वह विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं। उन्हें पार्टी ने कूथुपरम्बा से टिकट दिया है। जयंती राजन मूल रूप से वायनाड की रहने वाली हैं।
पार्टी की महिला विंग ने जताई नाराजगी
हालांकि, तहिलिया और राजन की उम्मीदवारी से महिला लीग की वरिष्ठ नेता नूरबीना रशीद खुश नहीं थीं। रशीद ने पार्टी की उम्मीदवारों की सूची पर गहरी नाराज़गी ज़ाहिर की, और आरोप लगाया कि महिला लीग को जान-बूझकर दरकिनार किया गया है।
उन्होंने उम्मीदवारों के चयन के लिए अपनाए गए मापदंडों पर सवाल उठाए और कहा कि जिन लोगों के नाम सूची में शामिल हैं वे महिला लीग के असली प्रतिनिधि नहीं हैं।
जी. गोपाकुमार ने बताया प्रगतिशील कदम
राजनीतिक विश्लेषक जी. गोपाकुमार ने आईयूएमएल नेतृत्व के दो महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारने के फैसले को प्रगतिशील कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी पार्टी है जो राज्य की अल्पसंख्यक राजनीति में अहम भूमिका निभाती रही है, और उनका महिलाओं को आगे लाना प्रगतिशील फैसला है।