केरल के कन्नूर में एक निजी अस्पताल में 18 महीने के एक बच्चे की मौत हो गई। कटे हुए होंठ पर टांके लगाने के लिए एनेस्थीसिया दिए जाने के बाद उसकी हालत पांच दिनों से गंभीर बनी हुई थी। बच्चे की मौत के बाद डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज में बच्चे के शव का पोस्टमार्टम पूरा हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
डॉक्टर पर मुकदमा दर्ज
मृतक बच्चे की पहचान एरामम-कुटूर ग्राम पंचायत के मथामंगलम निवासी देवांश शौर्य के रूप में हुई है। यह अपने परिवार की इकलौती संतान था। माता-पिता की शादी के 8 साल बाद देवांश पैदा हुआ था। बच्चे की मौत के बाद पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने अस्पताल के डॉक्टर पर मुकदमा दर्ज किया है। डॉक्टर पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 125 के तहत मामला दर्ज किया गया, जो जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कामों से संबंधित है। इसमें अधिकतम तीन महीने की जेल की सजा का प्रावधान है।
अस्पताल ने क्या कहा?
अस्पताल की ओर से कहा गया कि सही डोज और मेडिकल देखभाल के बावजूद एनेस्थीसिया के बाद जटिलताएं हो सकती हैं, लेकिन इलाज के सभी प्रोटोकॉल का पालन किया गया था और बच्चे की जान बचाने की हर संभव कोशिश की गई थी।