केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित क्षेत्रीय कैंसर केंद्र (आरसीसी) में लिफ्ट गिरने से गंभीर रूप से घायल हुई 22 वर्षीय महिला की बृहस्पतिवार को मौत हो गई। वह अस्पताल में भर्ती अपनी मां से मिलने अस्पताल आई थी, तभी हादसे की शिकार हो गई थी।
पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि 15 मई को दुर्घटना का शिकार होने बाद से वह यहां के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जीवन के लिए मौत से संघर्ष कर रही थी और बृहस्पतिवार को सुबह उसने अंतिम सांस ली। पड़ोसी कोल्लम जिले के पठानपुरम की रहने वाली नदीरा उस समय हादसे का शिकार हो गई थी, जब वह अपनी मां नसीमा से मिलने आई थी। नसीमा का आरसीसी में इलाज चल रहा था।
लिफ्ट की चल रही थी मरम्मत पर उसने पैर रख दिया, घंटों पड़ी रही
महिला ने जब यह जाने बिना कि अस्पताल की लिफ्ट की मरम्मत चल रही है, उसके भीतर कदम रखा, जिसके बाद लिफ्ट अचानक गिर गई। घटना में महिला को गंभीर चोटें आई थीं। परिवार के सदस्यों ने बताया कि कुछ घंटों के बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे लिफ्ट के अंदर बेहोश पाया। लिफ्ट इमारत की तीसरी मंजिल से गिरकर पहली मंजिल पर आ गई थी। उन्होंने बताया कि नदीरा की लापता होने की शिकायत के बाद तलाश शुरू होने पर इस घटना का पता चला।
एक कर्मचारी नौकरी से बर्खास्त
परिजनों ने कर्मचारियों को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया, जिन्होंने मरम्मत की किसी भी चेतावनी के बिना लिफ्ट को खुला रखा था, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने विद्युत विभाग के एक कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया था।
महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट
केरल महिला आयोग ने बृहस्पतिवार को आरसीसी निदेशक से घटना को लेकर रिपोर्ट मांगी। महिला की एक दो साल की बच्ची भी है। आयोग की सदस्य शाहिदा कमल ने अस्पताल प्रशासन से नदीरा के आर्थिक रूप से पिछड़े परिवार को पर्याप्त मुआवजा देने का आग्रह किया। परिवार के एक सदस्य ने यहां कहा, 'हमने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, डीजीपी और जिलाधिकारी से अस्पताल के कर्मचारियों की लापरवाही की जांच की मांग की है। उसकी दुखद मौत के लिए वे पूरी तरह से जिम्मेदार हैं।'