केरल में यूडीएफ सरकार के फैसलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अपना रुख साफ किया है। उन्होंने कहा कि दूसरे कांग्रेस नेताओं के बयानों को उनके नाम से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उनका यह बयान यूडीएफ संयोजक अडूर प्रकाश की हालिया टिप्पणी के बाद आया है। प्रकाश ने कहा था कि सरकार के कई फैसलों पर यूडीएफ में चर्चा नहीं होती। उन्होंने कहा था कि कई मामलों की जानकारी उन्हें मीडिया से मिलती है।
अडूर प्रकाश के बयान पर वेणुगोपाल ने क्या कहा?
वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी में मतभेद होना सामान्य बात है। मतभेद रखने वाले नेताओं को सिर्फ उनकी राय के कारण हटाया नहीं जाता। हालांकि, ऐसे मुद्दे पार्टी के मंच पर उठने चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर अपनी बात रखने के लिए उचित व्यवस्था है। अगर किसी नेता को अपनी बात रखने का मौका नहीं मिलता है, तो वह वरिष्ठ नेताओं तक अपनी बात पहुंचा सकता है। वेणुगोपाल ने कहा कि वह इसी तरीके को सही मानते हैं।
दूसरे नेताओं की राय से अपना नाम जोड़ने पर क्या बोले?
वेणुगोपाल ने कहा कि कुछ लोग कांग्रेस नेताओं के व्यक्तिगत बयानों को तुरंत उनके साथ जोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार महीने में उन्होंने सरकार के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया है। उन्होंने सरकार के खिलाफ किसी अभियान को भी बढ़ावा नहीं दिया है। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस में कई नेता हैं। सभी की अपनी राय हो सकती है। किसी नेता की निजी राय को उनके नाम से जोड़ना सही नहीं है।
पार्टी के अंदरूनी मुद्दों को लेकर वेणुगोपाल का क्या रुख है?
वेणुगोपाल ने कहा कि वह पार्टी के अंदर के मामलों को सार्वजनिक रूप से उठाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के मंच पर ही ऐसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। उनके मुताबिक, कांग्रेस में छोटे से छोटे मुद्दे पर चर्चा के लिए व्यवस्था है। पार्टी का काम ही चर्चा करना है। मतभेदों को सुलझाना भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि आमने-सामने बातचीत से मतभेद दूर किए जा सकते हैं।
2029 को लेकर वेणुगोपाल ने क्या लक्ष्य बताया?
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य 2029 में केंद्र में नई लोकतांत्रिक सरकार के लिए काम करना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह लगातार मेहनत करने को तैयार हैं। जरूरत पड़ने पर त्याग भी करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पार्टी के दूसरे नेता भी इसी भावना से काम करेंगे। वेणुगोपाल ने कहा कि केरल में यूडीएफ सरकार को जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना है। कांग्रेस नेता इसके लिए एकजुट होकर काम करेंगे।
सनी जोसेफ को लेकर वेणुगोपाल ने क्या कहा?
केपीसीसी अध्यक्ष को लेकर भी वेणुगोपाल से सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा कि सनी जोसेफ प्रदेश कांग्रेस के स्थायी अध्यक्ष हैं। उनके पद छोड़ने का फैसला एआईसीसी अध्यक्ष करेंगे। वेणुगोपाल ने माना कि मंत्री पद की जिम्मेदारियों के कारण जोसेफ को संगठन के लिए कम समय मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस समस्या से निपटने के लिए व्यवस्था बनाई है। इसका समाधान जल्द किया जाएगा।
क्या बातचीत से कांग्रेस के मतभेद दूर होंगे?
वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी के सभी मतभेद बातचीत से दूर किए जाएंगे। इसके लिए नेतृत्व को पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अंदर चर्चा के लिए कई मंच हैं। इन मंचों पर मुद्दों को उठाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि केरल के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ काले झंडे दिखाने का साहस दिखाया है। अब पार्टी का ध्यान जनता की उम्मीदों को पूरा करने पर रहेगा।