केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन के अतिरिक्त निजी सचिव सीएम रविंद्रन बुधवार को एक बार फिर कोविड-19 (कोरोना वायरस) से उबरने के बाद होने वाली परेशानी के चलते अस्पताल में भर्ती हो गए। यह तीसरी बार है, जब वह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से पूछताछ का समन मिलने के बाद अस्पताल में भर्ती हुए हैं।
सोने की तस्करी मामले में पूछताछ के लिए मिला था बुलावा, पहले भी दो बार बच चुके हैं पूछताछ से
ईडी ने 4 दिसंबर को सीएम रविंद्रन को तीसरी बार नोटिस भेजकर सोने की तस्करी से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए 10 दिसंबर यानी बृहस्पतिवार को उपस्थित होने का निर्देश दिया था। इससे पहले नवंबर में ईडी ने रविंद्रन को दो बार समन भेजा था, लेकिन दोनों ही बार वे पूछताछ के लिए नहीं पहुंचे थे। पहली बार समन मिलने पर वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे, जबकि दूसरी बार समन मिलने पर उन्होंने कोरोना से उबरने के बाद होने वाली परेशानी की बात कही थी।
रविंद्रन को तिरुवनंतपुरम में कस्टम विभाग की तरफ से एक राजनयिक कार्गो के जरिये तस्करी कर लाए जा रहे 30 किलोग्राम सोने से जुड़े मामले को लेकर बुलाया जा रहा है। करीब 14.82 करोड़ रुपये के इस सोने की तस्करी की जांच कस्टम और ईडी के अलावा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी कर रही है।
सोने की तस्करी के मुख्य आरोपी ने जताया जान को खतरा
राजनयिक कार्गो के जरिये सोने की तस्करी करने के मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए स्वप्न सुरेश ने अपनी जान को खतरा बताया है। सुरेश ने मंगलवार को एडिशनल चीफ ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट (आर्थिक अपराध) की अदालत से केरल सरकार को अपने लिए अतिरिक्त सुरक्षा दिए जाने का निर्देश देने की गुहार लगाई है।
स्वप्ना का कहना है कि उसे जेल में जान से मारने की धमकी दी जा रही है। स्वप्ना सुरेश ने अपनी याचिका में कहा है कि जेल परिसर में मेरी जान को खतरा है। मुझे अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी शीर्ष राजनेता या कॉरपोरेट हाउस का नाम जांच एजेंसी के सामने नहीं लेना है, नहीं तो वे मेरे परिवार को नुकसान पहुंचाएंगे।
इस सप्ताह की शुरुआत में अदालत ने स्वप्ना सुरेश और उनके एक साथी सरित पीएस को सोने की तस्करी का मुख्य आरोपी मानते हुए 8 दिसंबर तक कस्टम विभाग की हिरासत में सौंपा था। अदालत ने कस्टम कमिश्नर को स्वप्ना की सुरक्षा के पर्याप्त उपाय करने का निर्देश दिया है।