केरल के शोरनूर रेलवे स्टेशन पर हुए दर्दनाक हादसे को मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने दुखद बताया। उन्होंने रेल मंत्रालय से हादसे में मारे जाने वाले कर्मचारियों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देने का आग्रह किया। साथ ही यह भी कहा कि मंत्रालय रेलवे के तहत काम करने वाले अनुबंध कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करे।
क्या है मामला?
केरल के पलक्कड़ जिले में शनिवार को दर्दनाक हादसा हुआ था। शोरानूर रेलवे स्टेशन के पास शनिवार को तिरुवनंतपुरम जा रही केरल एक्सप्रेस की चपेट में आने से तमिलनाडु की दो महिलाओं सहित चार सफाई कर्मचारियों की मौत हो गई थी। यह हादसा अपराह्न 3.05 बजे तब हुआ था, जब घटना के समय सफाई कर्मचारी रेलवे स्टेशन से कुछ किलोमीटर दूर स्थित शोरानूर पुल के पास रेल पटरी से कचरा साफ कर रहे थे। तभी नई दिल्ली से तिरुवनंतपुरम जा रही ट्रेन की चपेट में आ गए।
पुलिस के अनुसार, रेलवे ने सफाई कर्मचारियों को ठेके पर रखा था। हादसा इतना दर्दनाक था कि चारों के शरीर के परखच्चे उड़ गए। शरीर के कई टुकड़े हुए जो छिटककर दूर गिरे।
'रेलवे ठेकेदारों ने कर्मचारियों को सफाई में लगाया हुआ था'
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सोमवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि शोरनूर रेलवे स्टेशन के पास नदी पुल पर हुई दुखद घटना से उनकी सरकार बहुत व्यथित है। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों को रेलवे ठेकेदारों ने पटरियों की सफाई में लगाया हुआ था। जाहिर है कि उन्हें पास से आ रही ट्रेन की जानकारी नहीं थी।
कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया था: सीएम
उन्होंने कहा कि इस हादसे से साफ है कि कर्मचारियों ने कोई प्रशिक्षण नहीं लिया था। यहां तक कि उन लोगों को रेलवे पटरियों के पास सुरक्षित काम करने के बारे में जागरूक भी नहीं किया गया था। कुछ महीने पहले यहां अमायझंजन नहर की सफाई के दौरान एक अस्थायी सफाई कर्मचारी बह गया था। उसे भी ठेके पर रखा गया था।
उन्होंने आगे कहा, 'ये दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं दिखाती हैं कि जो लोग श्रमिकों को अनुबंध पर रखते हैं, वे आवश्यक सुरक्षा सावधानी नहीं बरत रहे हैं। मैं आपका ध्यान सुरक्षा उल्लंघनों की ओर दिलाना चाहता हूं और अनुरोध करता हूं कि अनुबंध कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त निर्देश जारी किए जाएं।'
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री यह सुनिश्चित करें कि रेलवे उनके परिवारों को पर्याप्त मुआवजा दे, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि मृतक कर्मचारी अस्थायी आधार पर शारीरिक श्रम में लगे हुए थे। घटना के मद्देनजर, दक्षिणी रेलवे ने उस ठेकेदार की सेवाएं समाप्त कर दीं, जिसे रेलवे पटरियों की सफाई का काम दिया गया था।