Kerala: सीबीआई ने केरल के मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के.एम. अब्राहम के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में एफआईआर दर्ज की है। उन पर तीन शहरों में करोड़ों की संपत्ति जमा करने का आरोप है। वहीं, कांग्रेस ने इसे भ्रष्टाचार का मामला बताते हुए अब्राहम को पद से हटाने की मांग की है।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने केरल के मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव और केआईआईएफबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के.एम. अब्राहम के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में प्राथमिकी दर्ज की। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि उन्होंने तीन शहरों में संपत्ति जमा की हैं।
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प्राथमिकी के मुताबिक, आरोपी ने आय से कहीं अधिक संपत्ति जमा की हैं। इनमें तिरुवनंतपुर के थायकॉड गांव में एक करोड़ का फ्लैट, मुंबई की कोहिनूर सिटी में एक और तीन करोड़ का फ्लैट और कोल्लम जिले के कडप्पकडा में आठ करोड़ का एक शॉपिंग कॉम्पलैक्स शामिल है।
सीबीआई ने कहा कि आय से अधिक संपत्ति की जानकारी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 (2) के साथ ही 13 (1) के तहत एक संज्ञेय अपराध के दायरे में आती है। इन धाराओं में लोक सेवक द्वारा आपराधिक कदाचार के अपराध और उसके लिए सजा का जिक्र है।
धारा 13(1) (ई) उन मामलों पर लागू होती है, जहां कोई सरकारी कर्मचारी अपनी आय के मुकाबले ज्यादा संपत्ति रखता है। जबकि धारा 13(2) कहती है कि ऐसे मामलों में कम से कम एक साल की जेल और जुर्माना भी हो सकता है। केरल हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने अब्राहम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले की जांच सीबीआई की एक टीम कर रही है, जिसका नेतृत्व कोचीन की एसीबी के एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर रहे हैं।
कांग्रेस ने की अब्राहम को पद से हटाने की मांग
प्राथमिकी की खबर सामने आने के बाद कांग्रेस ने सोमवार को मांग की कि अब्राहम को केरल के मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव और केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (केआईआईएफबी) के सीईओ के पद से तत्काल हटाया जाए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने आरोप लगाया कि अब्राहम के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी ने यह साबित कर दिया है कि मुख्यमंत्री पिनरई विजयन का कार्यालय केरल में भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अड्डा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कोर्ट ने पाया है कि अब्राहम ने अपने ज्ञात आय के स्रोतो से अधिक संपत्ति जमा की है।