मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि संघ परिवार सबरीमाला सहित धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप कर केरल की संस्कृति और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, "भगवान अयप्पा के साथ वावर का भी सबरीमला परंपरा में स्थान है, लेकिन संघ परिवार यह बर्दाश्त नहीं कर सकता कि एक मुस्लिम की ऐसी भूमिका हो। इसलिए वे वावर की पहचान को गलत ढंग से पेश करने की कोशिश करते हैं।"
कहानियों के अनुसार, वावर भगवान अयप्पा के मुस्लिम साथी थे और श्रद्धालु एरुमेली स्थित वावर की मस्जिद होते हुए सबरीमाला पहुंचते हैं। विजयन ने चेतावनी दी कि अगर ऐसी ताकतें प्रभाव में आईं तो सबरीमाला की समावेशी परंपरा नष्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि केरल के पुनर्जागरण आंदोलनों ने जाति-आधारित समाज को एक प्रगतिशील समाज में बदला था, लेकिन अब उन उपलब्धियों को पलटने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, "भाजपा को दिया गया हर वोट केरल की असली पहचान को नुकसान पहुंचाएगा। लोगों को इसे समझना होगा और स्पष्ट रुख अपनाना होगा।"
विजयन ने पूर्ववर्ती यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार (2011–16) पर भी हमला करते हुए कहा कि उसने राज्य की वित्तीय स्थिति को कमजोर कर विकास को रोक दिया था, जबकि 2016 से सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार ने सभी क्षेत्रों में प्रगति को पुनर्जीवित किया है।
केरल के पीएम SHRI के साथ जुड़ने से माकपा-भाजपा गठबंधन 'उजागर': कांग्रेस
केरल के इस नाटकीय राजनीतिक घटनाक्रम पर कांग्रेस ने भी प्रतिक्रिया दी। एक तरफ जहां सीएम ने आरएसएस की विचारधारा मजबूत होने को लेकर सतर्क रहने वाला बयान दिया तो दूसरी तरफ केरल सरकार ने
PM SHRI योजना में शामिल होने का फैसला भी लिया है। अब कांग्रेस ने इसे सीपीएम और भाजपा के बीच 'गुप्त गठजोड़' बताया। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) प्रमुख सनी जोसेफ ने कहा कि वामपंथी दल का छिपा संबंध अब खुलकर सामने आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने कैबिनेट में चर्चा किए बिना ही राज्य के इस योजना में शामिल होने की घोषणा कर दी। हालांकि, सत्ताधारी खेमे से एलडीएफ संयोजक टी. पी. रामकृष्णन ने सरकार के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि राज्य को केंद्र से अधिकतम फंड मिले ये सुनिश्चित करना सरकार का काम है। जोसेफ ने सीपीआई से पूछा कि क्या वह अपने विरोधी रुख पर कायम रहेगी? कांग्रेस नेता ने कहा, अगर सीपीआई विरोध करती है तो कांग्रेस भी उसका समर्थन करेगी। उन्होंने सीपीएम पर बीजेपी से राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से स्पष्टीकरण मांगते हुए जोसेफ ने पूछा कि क्या यह मुद्दा कैबिनेट में चर्चा के लिए लाया जाएगा।