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भारतीय मछुआरों की हत्या : इतालवी नौसैनिक मामले में केरल के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

Sat, 04 Jul 2020 10:00 PM IST
Rohit Ojha न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
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पिनराई विजयन (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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केरल सरकार ने केरल तट के पास 2012 में दो भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या करने वाले दो इतालवी नौसैनिकों के मामले में शनिवार को केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। इस पत्र में मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने को लेकर ‘गंभीर प्रयास’ करने की केंद्र सरकार से अपील की गई है।

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केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर कहा, ‘यह बेहद स्तब्ध करने वाला है कि हमारे नागरिकों के खिलाफ किए गए ऐसे जघन्य अपराध को हमारे देश में न्याय के दायरे में नहीं लाया जा रहा है।’

पत्र में कहा गया कि इस मामले को शुरुआत से और समुद्री कानून के लिए अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण (आईटीएलओएस) में कार्रवाई के दौरान यकीनन बेहद संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ देखे जाने की जरूरत है, क्योंकि इसमें दो निर्दोष भारतीयों की जान गई है।
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गौरतलब है कि हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत ने गुरुवार को एनरिका लेक्सी मामले में भारतीय अधिकारियों की कार्रवाई को सही ठहराया। साथ ही कहा कि भारत इस मामले में मुआवजा पाने का हकदार है, लेकिन नौसैनिकों को आधिकारिक छूट प्राप्त होने के कारण उनके खिलाफ मुकदमा नहीं चला सकता है।
 


इटली के नौसैनिकों पर है भारतीय मछुआरों की हत्या का आरोप

बता दें कि इटली के दौ नौसैनिकों मैसिमिलियानो लातोरे और सलवातोरे गिरोने पर 15 फरवरी 2012 को दो भारतीय मछुआरों की हत्या करने का आरोप है। ये दोनों नौसैनिक एनरिका लेक्सी नामक जहाज पर सवार थे। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में इटली ने कहा था कि जहाज के चालक दल के सदस्यों ने भारतीय मछुआरों पर गोली इसलिए चलाई थी, क्योंकि उन्हें लगा था कि वे समुद्री लुटेरे हैं।

इटली के कहने पर हुआ था न्यायाधिकरण का गठन

इस विवाद के संबंध में इटली के अनुरोध पर 2015 में यूएनसीएलओएस की धाराओं के तहत न्यायाधिकरण का गठन किया गया था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार की रात को इस मामले में कहा था कि मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने फैसला दिया है कि भारत जीवन के नुकसान सहित अन्य नुकसान को लेकर मुआवजे का हकदार है।

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