केरल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के खराब प्रदर्शन के कारणों को लेकर पार्टी द्वारा बनाई जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी है।
जांच समिति में पूर्व आईपीएस सीवी आनंद बोस, पूर्व आईएएस जैकब थॉमस और मेट्रो मैन ई श्रीधरन थे। तीनों केरल भाजपा से जुड़े हैं। श्रीधरन ने तो विधानसभा चुनाव भी लड़ा था और कड़े मुकाबले में वे दूसरे नंबर पर रहे थे।
भाजपा से जुड़े तीन पूर्व नौकरशाहों की बनाई गई थी जांच समिति
सबरीमाला विवाद में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद पार्टी को इस चुनाव में बेहतर प्रदर्शन की आशा थी। लेकिन वह एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुई। यहां तक कि पिछले चुनाव में जीती नेमाम सीट भी पार्टी हार गई।
वहीं, त्रिशूर में पार्टी के साढ़े तीन करोड़ रुपए लूटे जाने की घटना से भी भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व चिंतित है। केरल पुलिस तो जांच कर ही रही है लेकिन केरल हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय से भी इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है।
वहीं, राज्य भाजपा अध्यक्ष के सुरेंद्रन के खिलाफ अपने विरोधी उम्मीदवार को पैसे देकर नामांकन वापस लेने और आदिवासी नेता सीके जानू को भाजपा में शामिल होने के लिए 10 लाख रुपए दिए जाने की घटनाएं भी सामने आईं है।
ऐसे में पार्टी द्वारा गठित पूर्व नौकरशाहों कि इस समिति की रिपोर्ट अहम मानी जा रही है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रिपोर्ट में इन घटनाओं का जिक्त्रस् है या नहीं। इस समिति की सिफारिशों को लागू कर पार्टी राज्य में अपनी छवि बेहतर जरूर कर सकती है।