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केरल: विधानसभा में बहस से पहले विधायकों ने किया बीफ का ब्रेकफास्ट!

Thu, 08 Jun 2017 03:50 PM IST
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला
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केरल: पशु क्रूरता निवारण अधिनियम पर बहस से पहले विधायकों ने किया बीफ ब्रेकफास्ट! - फोटो : Rohini Swami, HT
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केरल विधानसभा में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम पर बहस से पहले विधायकों ने बीफ ब्रेकफास्ट किया। जी हां, विधायकों ने विधानसभा में केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय के पशु क्रूरता निवारण अधिनियम पर बहस से पहले नाश्ते में बीफ का सेवन किया। ये बीफ विधानसभा की कैंटीन में बनी। जिसमें विधायकों ने बीफ फ्राई को नाश्ते के तौर पर खाया।
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खास बात ये है कि पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के मुद्दे पर ही केरल विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया था। इस मामले को लेकर केरल में काफी बवाल पहले से चल रहा है और केरल युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही बछड़े को काटकर इसका विरोध किया था। अब विधानसभा में इस अधिनियम पर चर्चा के लिए बुलाए गए विशेष सत्र से पहले खुद विधायकों ने जमकर बीफ का सेवन किया। Special session of Kerala Legislative Assembly passed resolution agnst Centre’s unconstitutional usurpation of State rights,tweets Kerala CM pic.twitter.com/fOhQIwlB6i — ANI (@ANI_news) June 8, 2017
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इस मामले में सीपीआई(एम) की विधायक प्रतिभा हरी ने कहा कि हमनें केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन के तौर पर बीफ फ्राई का सेवन किया। हम केंद्र सरकार को बताना चाहते हैं कि वो ये तय नहीं कर सकती कि हम क्या खाएं और क्या नहीं?
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केरल विधानसभा की कैंटीन में बीफ से बने व्यंजन आम

केरल विधानसभा की कैंटीन में बीफ से बने व्यंजन आम - फोटो : Youtube
बता दें कि केरल विधानसभा की कैंटीन में बीफ से बने व्यंजन आम हैं। विधानसभा में हर दिन 11 बजे के बाद बीफ फ्राई मिलता है, पर आज के दिन इसे सुबह ही बनाया गया। एक एजेंसी से बात करते हुए कैंटीन में काम करने वाले व्यक्ति ने बताया कि हमनें सुबह ही 10 किलो बीफ मंगाया और काफी संख्या में विधायकों ने बीफ फ्राई का आनंद लिया। 

विधानसभा सत्र में बहस के दौरान केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के खिलाफ रिजॉल्यूशन पर चर्चा के दौरान कहा कि केंद्र सरकार का ये कानून कोई नया नहीं है। हां, इस बार ये रूल लोगों के भोजनाधिकार पर चोट है। हमारे मांसाहारी समाज के मूल्यों पर चोट है। हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वी एस अच्युतानंदन ने भी इस नोटिफिकेशन को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा।
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