केरल में तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बीते दिनों सीमा शुल्क के अधिकारियों ने एयर कार्गो के जरिए पहुंचे सामान में 30 किलोग्राम से अधिक सोना बरामद किया था। जिस बैग में यह सोना था वह संयुक्त अरब अमीरात एम्बेसी का था। इस मामले में यूएई के अधिकारियों ने अपने राजनयिक का हाथ होने से इनकार किया है और जांच में सहयोग करने का आश्वासन दिया है।
इस घटना में तिरुवनंतपुरम में स्थित यूएई कॉन्सुलेट ने भी एक बयान जारी किया है। इसके मुताबिक इस घटना में यूएई के किसी डिप्लोमैट का हाथ नहीं है। कॉन्सुलेट ने तस्करी में शामिल किसी व्यक्ति द्वारा डिप्लोमैटिक चैनल का प्रयोग किए जाने की निंदा की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कॉन्सुलेट के लिए स्थानीय स्तर पर रखा गया एक व्यक्ति इसमें शामिल है।हालांकि, उस व्यक्ति को पहले ही नौकरी से हटाया जा चुका है।
केरल पुलिस ने इस मामले में यूएई कॉन्सुलेट के दो पूर्व कर्मचारियों को आरोपी बनाया है। इन दोनों के नाम सरिथ कुमार और स्वप्न सुरेश है। जानकारी के अनुसार सरिथ कुमार इस बैग को लेने के लिए फर्जी आईडी लेकर एयरपोर्ट गया था। एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों को सोने की तस्करी की खबर मिली थी। जिसके आधार पर उन्होंने बैग जब्त किया था।
केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीतला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंगलवार को पत्र लिखकर केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय में तस्करी गिरोह के कथित प्रभाव की सीबीआई जांच कराए जाने का अनुरोध किया है। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 30 किलो से अधिक सोना हाल में जब्त किए जाने के बाद से विपक्ष राज्य में सत्तारूढ़ वाम को घेरने की कोशिश कर रहा है।