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सामने दिलासा और पीठ पीछे इनकार: कुट्टनाड छुट्टी पर सीएम सतीशन का दोहरा स्टैंड आया सामने, विपक्ष ने घेरा

Fri, 26 Jun 2026 05:24 PM IST
राकेश कुमार पीटीआई, तिरुवनंतपुरम।

सार

केरल में बोट रेस की छुट्टी को लेकर मुख्यमंत्री वी डी सतीसन का एक वीडियो वायरल हो गया है। उन्होंने सदन में छुट्टी देने पर विचार करने की बात कही थी, लेकिन माइक खुला होने के कारण उनकी मना करने की आवाज रिकॉर्ड हो गई। अब विपक्ष उन पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगा रहा है।
 
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केरल के सीएम सतीशन - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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केरल की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। यह पूरा विवाद एक स्थानीय छुट्टी को लेकर है। ऐतिहासिक चंपकुलम मूलम बोट रेस के लिए छुट्टी मांगी गई थी। लेकिन मुख्यमंत्री वी डी सतीसन के एक बयान ने इस पर हंगामा खड़ा कर दिया। विपक्ष ने अब सरकार पर तीखा हमला बोला है।
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माइक खुला रहा और सच सामने आया
यह मामला विधानसभा के अंदर शुरू हुआ। यूडीएफ के विधायक रेजी चेरियन ने एक सवाल पूछा था। वह केरल कांग्रेस (जोसफ) के नेता हैं। उन्होंने कुट्टनाड तालुक में बोट रेस के दिन छुट्टी मांगी थी। मुख्यमंत्री सतीसन ने सदन में खड़े होकर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस मांग पर विचार करेगी।

इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री अपनी सीट पर बैठ गए। लेकिन उनका माइक बंद नहीं हुआ था। ओपन माइक पर उनकी आवाज रिकॉर्ड हो गई। उन्होंने कहा, 'किसी भी कीमत पर इसे मंजूरी नहीं दी जाएगी।' इस बात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। एलडीएफ विधायकों ने इस वीडियो को फेसबुक पर पोस्ट कर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री की नीयत पर सवाल उठाए।
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विपक्ष का जोरदार हंगामा
इस घटना के बाद सीपीआई(एम) पूरी तरह आक्रामक है। पार्टी के राज्य सचिव एम वी गोविंदम ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार अपनी बात बदल रहे हैं। यह उनका असली राजनीतिक चरित्र दिखाता है। सीपीआई(एम) के विधायक के यू जेनिश कुमार ने भी एक फेसबुक पोस्ट लिखी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा को धोखा दिया है। सामने कुछ और बोलना और पीठ पीछे कुछ और कहना गलत है। यह लोकतंत्र और जनता के भरोसे के खिलाफ है। उन्होंने इस मामले में पुराने नेताओं के इतिहास का भी जिक्र किया।
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बोट रेस के आयोजक परेशान
इस पूरे विवाद से बोट रेस के आयोजक बहुत दुखी हैं। उनका कहना है कि यह रेस सदियों पुरानी परंपरा है। सरकार को कुट्टनाड के लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। यह रेस सोमवार को होने वाली है। 29 जून से इसके पारंपरिक अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे। इस बार रेस में 15 नावें हिस्सा ले रही हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि सरकार आखिरी समय में छुट्टी की घोषणा कर देगी। दूसरी तरफ, सरकार के सहयोगी मंत्री मॉन्स जोसफ ने इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से साफ मना कर दिया है।
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